मुंबई वार्ता संवाददाता

कफ परेड पुलिस ने कूरियर पार्सल के नाम पर एक व्यक्ति से 2.70 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताकर पीड़ित को फर्जी लिंक भेजा और उसके मोबाइल तक अवैध पहुंच बनाकर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर ली।


पुलिस के अनुसार, इस मामले में कफ परेड पुलिस थाने में गु.र.क्र. 162/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(C), 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया है।


■ कूरियर कर्मचारी बनकर भेजा फर्जी लिंक
शिकायतकर्ता अखिलेश कुमार सिंह (44) कफ परेड के नेवी नगर इलाके में रहते हैं। शिकायत के मुताबिक, 21 जुलाई 2026 को उनके पास एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को DTDC कूरियर कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि उनका पार्सल किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर चला गया है और उसे सही पते पर भेजने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
आरोपी ने इसके लिए शिकायतकर्ता के WhatsApp पर एक लिंक भेजा और उसमें गोपनीय जानकारी भरने के लिए कहा। इसके अलावा उनके मोबाइल पर ‘RTO E Challan.Apl’ नाम की फाइल भेजी गई। पुलिस के मुताबिक, इस फाइल के जरिए आरोपी ने शिकायतकर्ता के मोबाइल का अवैध एक्सेस हासिल कर लिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) खाते से दो अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 2,70,000 रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद कफ परेड पुलिस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
■ बैंक खाते की जांच से खुला सुराग
जांच के दौरान पुलिस ने शिकायतकर्ता के बैंक स्टेटमेंट की जांच की। इससे पता चला कि ठगी की रकम रोहित रावत नामक व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी। तकनीकी जांच और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाने के बाद पुलिस की साइबर टीम ने रोहित रावत को बारामती से हिरासत में लिया।
पुलिस पूछताछ में रोहित ने कथित तौर पर बताया कि उसने अपना बैंक खाता अनिकेत नामक व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बाद तकनीकी विश्लेषण के जरिए पुलिस को अनिकेत के पुणे में रहने की जानकारी मिली।
■ पुणे से अनिकेत गिरफ्तार
पुलिस टीम 29 अगस्त को पुणे पहुंची और गुप्त सूचना के आधार पर अनिकेत बळीराम गायकवाड़ (24) को हिरासत में लिया। उसे कफ परेड पुलिस थाने लाकर पूछताछ की गई। तलाशी के दौरान उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला।
पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में अलग-अलग लोगों के बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज मिले। साथ ही अन्य लोगों के साथ इन दस्तावेजों के आदान-प्रदान की जानकारी भी सामने आई। पूछताछ के दौरान अनिकेत ने कथित तौर पर साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया।
■ अन्य आरोपियों की तलाश जारी
इस मामले में पुलिस ने अनिकेत बळीराम गायकवाड़ (24) और रोहित रावत को आरोपी बनाया है। पुलिस अब इस साइबर फ्रॉड में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है और उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
मामले की जांच पुलिस निरीक्षक अश्विनी पाटील कर रही हैं। साइबर जांच में पुलिस उपनिरीक्षक विजेंद्र काळे और पुलिस उपनिरीक्षक प्रदीप बोरसे सहित पुलिसकर्मियों की टीम शामिल है। जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में जारी है।


