मुंबई वार्ता संवाददाता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी बीच मुंबई यूथ कांग्रेस ने बेरोजगार युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों को सरकार के सामने रखने के लिए ‘मेरी डिग्री का क्या?’ अभियान शुरू किया है। मुंबई यूथ कांग्रेस की अध्यक्ष ज़ीनत शबरीन ने गांधी भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में अभियान की जानकारी दी।


मुंबई यूथ कांग्रेस का कहना है कि देश में बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा प्राप्त कर डिग्रियां हासिल कर रहे हैं, लेकिन पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार के लिए उन्हें संघर्ष करना पड़ रहा है। युवाओं की ओर से सवाल उठाया जा रहा है कि डिग्री तो मिल गई, लेकिन नौकरी कब मिलेगी? सरकारी भर्तियां कब शुरू होंगी और उनके भविष्य का क्या होगा?


प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर बेरोजगार युवाओं ने प्रतीकात्मक रूप से ‘डिमांड केक’ काटकर सरकार के सामने ‘मेरी डिग्री का क्या?’ सवाल रखा। मुंबई यूथ कांग्रेस के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य जन्मदिन के जश्न के बजाय युवाओं के रोजगार और सरकारी भर्ती से जुड़े मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
इस मौके पर ज़ीनत शबरीन ने कहा कि आज देश के युवाओं के हाथ में डिग्री है, लेकिन रोजगार नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया कब शुरू होगी और नियुक्ति कब मिलेगी, इसे लेकर निश्चितता नहीं है। उनके अनुसार, सरकारी विभागों में बड़ी संख्या में पद खाली होने के बावजूद भर्ती प्रक्रियाएं लंबित रहती हैं।
शबरीन ने परीक्षा प्रक्रिया में देरी और पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की घोषणा से लेकर परीक्षा आयोजित होने, परिणाम जारी होने, दस्तावेजों के सत्यापन और अंतिम नियुक्ति तक युवाओं को कई वर्षों तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से निश्चित और समयबद्ध भर्ती कैलेंडर घोषित करने तथा पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया लागू करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि ‘मेरी डिग्री का क्या?’ केवल एक सवाल नहीं, बल्कि बेरोजगार युवाओं के भविष्य से जुड़ा सवाल है। युवाओं की डिग्री, नौकरी और भविष्य को लेकर सरकार को जवाब देना चाहिए।
■ अभियान का एंथम और वेबसाइट लॉन्च
अभियान को अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए मुंबई यूथ कांग्रेस की ओर से ‘मेरी डिग्री का क्या?’ अभियान का एंथम और आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की गई है। अभियान के माध्यम से बेरोजगारी, लंबित भर्ती प्रक्रियाओं और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने की बात कही गई है।
मुंबई यूथ कांग्रेस ने कहा कि युवाओं के रोजगार से जुड़े सवालों को लेकर जरूरत पड़ने पर आंदोलन और संघर्ष भी किया जाएगा।


