मुंबई वार्ता संवाददाता

ठाणे रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों और रिक्शाचालकों के बीच होने वाले विवाद, रिक्शाओं की कतार तथा किराए को लेकर होने वाली अनिश्चितता को दूर करने के उद्देश्य से सोमवार को ठाणे की पहली प्रीपेड रिक्शा सेवा शुरू की गई। इस सेवा से यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ही निर्धारित किराए की जानकारी मिल सकेगी और पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।


स्व. वसंतराव डावखरे रिक्शा-टैक्सी चालक-मालिक महासंघ, ठाणे और ठाणे प्रादेशिक परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह प्रीपेड रिक्शा उपक्रम शुरू किया गया। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण के जन्मदिन के अवसर पर ठाणे रेलवे स्टेशन परिसर में प्रीपेड रिक्शा स्टैंड और कक्ष का उद्घाटन किया गया।


इस अवसर पर कोकण स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधायक निरंजन डावखरे, विधायक संजय केळकर, ठाणे प्रादेशिक परिवहन विभाग के अधिकारी, रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष मारुति सावंत सहित यूनियन के पदाधिकारी, महिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में रिक्शाचालक उपस्थित रहे।


रेलवे स्टेशन परिसर में रिक्शाओं की कतार, रिक्शाचालकों के बीच होने वाले विवाद और यात्रियों के साथ किराए को लेकर होने वाले संघर्ष को रोकने के लिए पिछले डेढ़ से दो वर्षों से प्रीपेड रिक्शा सेवा शुरू करने के प्रयास किए जा रहे थे। इस दौरान उपक्रम को लागू करने के लिए विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों को दूर किया गया।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रिक्शाचालक दिनभर मेहनत कर जो कमाई करते हैं, वह आमतौर पर उसी दिन परिवार की जरूरतों के लिए घर ले जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रीपेड व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। उपक्रम को तत्काल मंजूरी देकर ठाणे के नागरिकों के लिए सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विधायक निरंजन डावखरे ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का विशेष आभार व्यक्त किया।
डावखरे ने कहा कि दिनभर के व्यवसाय का पूरा हिसाब शाम को घर जाते समय रिक्शाचालक के बैंक खाते में जमा होगा। सभी रिक्शाचालकों की राशि सीधे उनके बैंक खातों में जाएगी, जिससे उनके परिवारों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने इस व्यवस्था में सहयोग के लिए सिटीफ्लो का भी आभार व्यक्त किया।
प्रीपेड सेवा के तहत यात्री रिक्शा में बैठने से पहले ही अपने गंतव्य तक पहुंचने का निर्धारित किराया जान सकेंगे। इससे किराए को लेकर होने वाली अनिश्चितता और यात्रियों-रिक्शाचालकों के बीच संभावित विवाद कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। रेलवे स्टेशन से आगे की यात्रा के लिए यह सेवा यात्रियों को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी रिक्शा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


