मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र के विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थी परिषद के चुनाव दोबारा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), मुंबई महानगर ने स्वागत किया है। अभाविप ने मांग की है कि समिति निर्धारित समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करे और इसके बाद सरकार बिना किसी विलंब के विद्यार्थी परिषद चुनावों का कार्यक्रम घोषित करे।


महाराष्ट्र सार्वजनिक विश्वविद्यालय अधिनियम, 2016 में विद्यार्थी परिषदों की संरचना और चुनावों से संबंधित प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा विद्यार्थी परिषद चुनावों के लिए एकरूप परिनियम भी शासन द्वारा पूर्व में प्रकाशित किए जा चुके हैं। हालांकि, प्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया शुरू नहीं होने के कारण राज्य के विद्यार्थियों को लंबे समय से अपने प्रतिनिधियों का लोकतांत्रिक तरीके से चयन करने का अवसर नहीं मिल पाया है।
अभाविप के अनुसार, विद्यार्थियों को शैक्षणिक, प्रशासनिक और विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों पर लोकतांत्रिक तरीके से नेतृत्व विकसित करने का अवसर देने तथा उनकी समस्याओं के लिए प्रभावी संस्थागत मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संगठन लगातार विद्यार्थी परिषद चुनाव पुनः शुरू करने की मांग करता रहा है। इस संबंध में विभिन्न ज्ञापनों, आंदोलनों, बैठकों, परिसंवादों और अन्य माध्यमों से शासन के समक्ष यह मुद्दा उठाया गया है।
इसी पृष्ठभूमि में राज्य सरकार ने मुंबई विश्वविद्यालय के पूर्व कुलगुरु डॉ. सुहास पेडणेकर की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति विद्यार्थी परिषद चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, पारदर्शी, सरल और गतिशील बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देशों, चुनाव प्रक्रिया, विभिन्न घटकों के प्रतिनिधित्व, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा चुनावों में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने के उपायों का अध्ययन करेगी और शासन को अपनी सिफारिशें देगी। समिति से एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करने की अपेक्षा की गई है।
अभाविप की ओर से विद्यार्थियों और शिक्षाविदों के माध्यम से समिति को आवश्यक सुझाव एवं परामर्श देने के लिए विभिन्न परिसंवाद और बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा। संगठन ने कहा है कि विद्यार्थी परिषद चुनाव जल्द से जल्द लोकतांत्रिक, पारदर्शी और विद्यार्थी-केंद्रित वातावरण में कराए जाने के लिए वह प्रयास जारी रखेगा।
अभाविप ने स्पष्ट किया कि केवल समिति का गठन कर इस विषय को लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। समिति निर्धारित समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपे और इसके बाद राज्य के सभी विश्वविद्यालयों तथा संबद्ध महाविद्यालयों में विद्यार्थी परिषद चुनावों का कार्यक्रम बिना किसी विलंब के घोषित किया जाए।
अभाविप मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद चुनाव केवल चुनाव की प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के साथ-साथ विश्वविद्यालय से जुड़े विषयों पर रचनात्मक तरीके से काम करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि चुनावों के लिए स्पष्ट, पारदर्शी, समान और विद्यार्थी-केंद्रित नियमावली निर्धारित कर इसी शैक्षणिक वर्ष में चुनाव कराने की दिशा में शासन को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के अधिकार मंडलों में विद्यार्थियों को प्रतिनिधित्व का अवसर उपलब्ध कराया जाना चाहिए।


