मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के समुद्री तट और जलक्षेत्र में तैरते कचरे की समस्या से निपटने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) अब ससून डॉक में दो और मानवरहित नावें तैनात करेगी। इन नावों के संचालन और रखरखाव के लिए बीएमसी ने 3.64 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।


बीएमसी के अनुसार, ये नावें बिजली और सौर ऊर्जा से संचालित होंगी तथा इन्हें दूर से नियंत्रित किया जा सकेगा। इनके जरिए समुद्र में मौजूद प्लास्टिक, कचरा और अन्य तैरते मलबे को बिना कर्मचारियों के समुद्र में उतरे एकत्र किया जाएगा। इससे समुद्र में कचरा साफ करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने में मदद मिलेगी।


बीएमसी ने इससे पहले मई 2026 में गेटवे ऑफ इंडिया और कोलाबा के बधवार पार्क क्षेत्र में दो मानवरहित इलेक्ट्रिक नावें तैनात की थीं। कोलाबा के नगरसेवक मकरंद नार्वेकर के अनुसार, इन नावों के जरिए प्रतिदिन करीब 80 से 90 किलोग्राम तैरता कचरा एकत्र किया जा रहा है।
अब नई नावों को ससून डॉक और जामशेदजी पोर्ट क्षेत्र में इस्तेमाल करने की योजना है। बीएमसी के ठोस कचरा प्रबंधन विभाग द्वारा इसके लिए निविदा की शर्तें तैयार की जा रही हैं और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है।
इन नावों को रिमोट से संचालित किया जाएगा और इनकी कार्यक्षमता करीब 500 मीटर की सीमा तक बताई गई है। एकत्र किए गए कचरे को किनारे लाकर अलग-अलग किया जाएगा और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को रीसाइक्लिंग के लिए भेजा जाएगा। इससे समुद्र में प्लास्टिक प्रदूषण कम करने के साथ-साथ तटीय इलाकों की स्वच्छता और सौंदर्य बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बीएमसी का यह कदम मुंबई के समुद्री तट की सफाई में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक और पहल माना जा रहा है।


