श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अपने संगठन में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए दिवंगत नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे और विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) जीशान सिद्दीकी को मुंबई इकाई का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, सोलापुर जिला इकाई के अध्यक्ष उमेश पाटिल को पार्टी का राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है। इन नियुक्तियों की घोषणा महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने की।


दोनों नेताओं को नियुक्ति पत्र मंगलवार को मुंबई स्थित उपमुख्यमंत्री के सरकारी आवास देवगिरी में सौंपे गए। इस अवसर पर सांसद पार्थ पवार सहित पार्टी के अन्य नेता और पदाधिकारी मौजूद थे। सुनेत्रा पवार ने उम्मीद जताई कि दोनों नेता पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ काम करते हुए पार्टी संगठन को मजबूत करेंगे तथा दिवंगत अजित पवार के विचारों, आदर्शों और जनसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।


■ मुंबई में पार्टी का जनाधार बढ़ाने की चुनौती
जीशान सिद्दीकी के सामने मुंबई में एनसीपी के संगठन को मजबूत करना और पार्टी का जनाधार बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी। मुंबई की राजनीति में एनसीपी की मौजूदगी सीमित रही है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि जीशान युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़कर संगठन का विस्तार करेंगे।
जीशान सिद्दीकी पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी के बेटे हैं। उन्होंने 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर बांद्रा पूर्व सीट से जीत हासिल की थी। वह मुंबई युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। फरवरी 2024 में उनके पिता बाबा सिद्दीकी कांग्रेस छोड़कर अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी में शामिल हुए थे। इसके बाद जीशान को मुंबई युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था।अक्टूबर 2024 में बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद जीशान एनसीपी में शामिल हो गए। उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में एनसीपी के टिकट पर बांद्रा पूर्व सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के उम्मीदवार वरुण सरदेसाई से हार गए। मई 2026 में वह महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य बने।
■ उमेश पाटिल को राष्ट्रीय स्तर पर अहम जिम्मेदारी
सोलापुर जिला इकाई के अध्यक्ष के रूप में काम कर चुके उमेश पाटिल को राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किए जाने से पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर पक्ष रखने की जिम्मेदारी मिली है। वह अब पार्टी की नीतियों, राजनीतिक रुख और संगठन से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
एनसीपी के इन दोनों संगठनात्मक बदलावों को मुंबई में पार्टी की स्थिति मजबूत करने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक उपस्थिति प्रभावी बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नई जिम्मेदारियों के बाद दोनों नेता संगठन को कितना विस्तार दे पाते हैं।


