श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में वाहन चालकों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों में लगी आंखें चौंधियाने वाली तेज रोशनी के खिलाफ ‘डैजलिंग लाइट’ अभियान चलाया। इस अभियान के तहत कुल 12,585 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 88.47 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया।वाहनों में निर्धारित मानकों से अधिक तेज रोशनी वाली लाइटें लगाने से सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखें कुछ समय के लिए चौंधिया सकती हैं। इससे सड़क पर दिखाई देने की क्षमता प्रभावित होती है और दुर्घटना होने का खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात के समय दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए ऐसी लाइटें गंभीर परेशानी पैदा कर सकती हैं।


■ पांच महीने में 41 ट्रैफिक विभागों में कार्रवाई
मुंबई ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, यह विशेष अभियान 1 जून से 26 अक्टूबर 2026 तक शहर के सभी 41 यातायात विभागों में चलाया गया। इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम और महाराष्ट्र मोटर वाहन नियमों के तहत 12,585 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उल्लंघन करने वालों से कुल 88 लाख 47 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
■ अवैध एलईडी बार और तेज हेडलाइट पर निशाना
अभियान के तहत वाहनों में अवैध रूप से लगाई गई अतिरिक्त फ्लैशलाइट, एलईडी बार, सजावटी लाइट और अत्यधिक तेज रोशनी वाली हेडलाइट के इस्तेमाल पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसी लाइटों की चकाचौंध से सामने से आने वाले वाहन चालकों को कुछ क्षणों के लिए सड़क दिखाई देना बंद हो सकता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
■ रात में लो-बीम लाइट इस्तेमाल करने की अपील
मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे रात में वाहन चलाते समय लो-बीम हेडलाइट का इस्तेमाल करें और बिना अनुमति अतिरिक्त या अत्यधिक तेज रोशनी वाली लाइटें न लगाएं। यातायात नियमों का पालन करने और दूसरे वाहन चालकों की सुरक्षा का ध्यान रखने की भी सलाह दी गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘डैजलिंग लाइट’ अभियान आगे भी जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


