मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कर्जत-भीमाशंकर क्षेत्र में टोरेंट कंपनी की प्रस्तावित विद्युत परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह परियोजना पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाने वाली है और इसका लाभ आम जनता के बजाय उद्योगपतियों को होगा।


सपकाल ने कहा कि कांग्रेस विकास के खिलाफ नहीं, बल्कि विनाशकारी विकास के खिलाफ है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से हजारों पेड़ों को दूसरी जगह लगाने की घोषणा पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र को ‘पेड़ खाने वाला मुख्यमंत्री’ नहीं चाहिए।तिलक भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए सपकाल ने कहा कि सह्याद्री क्षेत्र में लाखों पेड़ लगाने की बात करना हास्यास्पद है। जब देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तब राज्य में 33 करोड़ पेड़ लगाने का संकल्प लिया गया था।
उन्होंने सवाल किया कि उस अभियान के तहत वास्तव में कितने पेड़ लगाए गए और वे कहां हैं, इसकी जानकारी पहले दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जंगलों का संवर्धन और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा बेहद जरूरी है, लेकिन निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की जा रही है।
सपकाल ने कहा कि पेड़ों को काटकर विकास करने के बजाय टिकाऊ विकास की नीति अपनाई जानी चाहिए। उनके अनुसार, राज्य में इस परियोजना के लिए अन्य स्थान भी उपलब्ध हो सकते हैं, लेकिन सरकार की मंशा मुंबई के विस्तार के नाम पर चौथी और पांचवीं मुंबई विकसित करने की है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई के बाद दूसरी जगह पौधे लगाने की घोषणा वास्तविक नुकसान की भरपाई का विकल्प नहीं हो सकती।
■ 29 अक्टूबर को भीमाशंकर अभयारण्य का दौरा करेंगे सपकाल
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल गुरुवार, 29 अक्टूबर को सुबह 10:30 बजे कर्जत पहुंचेंगे। वहां से वे भीमाशंकर अभयारण्य में टोरेंट विद्युत परियोजना के लिए की जा रही पेड़ों की कटाई का निरीक्षण करेंगे और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनेंगे।सपकाल ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि फडणवीस सरकार के कार्यकाल में राज्य के 40 हजार उद्योग बंद हो गए।
उन्होंने कहा कि फॉक्सकॉन और बल्क ड्रग पार्क जैसी परियोजनाओं का महाराष्ट्र में विरोध नहीं हुआ था, फिर भी वे गुजरात क्यों चली गईं? उन्होंने वाढवण बंदरगाह परियोजना को भी स्थानीय लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने वाला बताया। साथ ही, शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसकी मांग नहीं होने के बावजूद इसे लोगों पर थोपा जा रहा है।
■ विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाड़ी को तीन सीटें मिलने का दावा
विधान परिषद की पांच सीटों के चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि महाविकास आघाड़ी ने गठबंधन के रूप में पांच सीटों पर चुनाव लड़ा है और उन्हें इनमें से तीन सीटों पर जीत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने नागपुर सीट पर भी कांग्रेस उम्मीदवार की जीत का विश्वास जताया।हालांकि, उन्होंने चुनाव में धनबल के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर उपहार बांटे गए और दावतों का आयोजन किया गया। उनके अनुसार, मतदाताओं को लिफाफे और पैठणी साड़ियां दिए जाने की भी शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन चुनाव परिणामों को स्वीकार करेगा।
■ पूर्णेकर हत्याकांड में आरोपियों को बचाने का आरोप
ठाणे में पूर्णेकर हत्याकांड को लेकर भी सपकाल ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के लोग आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ठाणे को अब गुंडों के शहर के रूप में पहचाने जाने का खतरा पैदा हो गया है।सपकाल ने मांग की कि इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया जाए और जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में कराई जाए। उन्होंने कहा कि पूर्णेकर परिवार की ओर से उपलब्ध कराए गए सबूतों और सूचनाओं के आधार पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया कि आखिर किसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उन्हें क्या हासिल करना है। सपकाल ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर सवाल उठ रहे हैं, वही आरोपियों को बचाने में लगे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि कर्जत-भीमाशंकर परियोजना के मामले में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय ग्रामीणों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वहीं, सपकाल ने अपने दौरे के जरिए पेड़ों की कटाई और परियोजना के संभावित पर्यावरणीय प्रभावों का मुद्दा उठाने की घोषणा की है।


