मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने कार्रवाई तेज कर दी है। महानगरपालिका के ‘एन’ विभाग के अंतर्गत आने वाले सात रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों में वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपायों में खामियां पाए जाने के बाद उन्हें दूसरी बार चेतावनी जारी की गई है। बीएमसी ने संबंधित प्लांटों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर सभी कमियां दूर करने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित प्लांटों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।


बीएमसी के अनुसार, ‘एन’ विभाग के अधिकार क्षेत्र में कुल सात आरएमसी प्लांट संचालित हैं। इन सभी प्लांटों को वायु प्रदूषण रोकने के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने के संबंध में 5 अक्टूबर 2026 को पत्र जारी कर निर्देश दिए गए थे।इसके बाद 23 अक्टूबर 2026 को महानगरपालिका के अधिकारियों ने संबंधित प्लांटों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। इनमें वाहनों के टायर धोने की व्यवस्था, प्लांटों के चारों ओर हरे कपड़े का आवरण लगाना, धूल को नियंत्रित करने के लिए फॉगिंग और पानी का छिड़काव करना तथा परिसर की नियमित साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं में खामियां पाई गईं।


पहले निर्देश दिए जाने के बावजूद आवश्यक उपायों का संतोषजनक तरीके से पालन नहीं किए जाने के कारण बीएमसी ने 27 अक्टूबर 2026 को सातों आरएमसी प्लांटों को दूसरी चेतावनी के पत्र जारी किए। इन पत्रों में स्पष्ट किया गया है कि नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करना होगा और वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।इसके साथ ही संबंधित प्लांटों को उठाए गए सुधारात्मक कदमों की जानकारी देते हुए तस्वीरों सहित अनुपालन रिपोर्ट जमा करना अनिवार्य किया गया है। इससे महानगरपालिका को यह जांचने में मदद मिलेगी कि निर्देशों के अनुसार आवश्यक सुधार किए गए हैं या नहीं।
■ महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को भी दी गई जानकारी
बीएमसी ने इस मामले की जानकारी महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को भी दी है। महानगरपालिका के ‘एन’ विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कमियां दूर नहीं करने और नियमों का पालन नहीं करने वाले आरएमसी प्लांटों के खिलाफ संबंधित कानूनों के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
महानगरपालिका का कहना है कि नागरिकों के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वायु प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से निर्माण गतिविधियों से होने वाले धूल प्रदूषण पर नियंत्रण रखने और निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।


