मुंबई वार्ता संवाददाता

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत जिले के रोहणा गांव से अमन नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। पुलिस को अमन के बैंक खाते में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन मिलने के बाद उसकी भूमिका पर शक हुआ था।


पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, अमन का संबंध इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी कुणाल जामसिंह से बताया जा रहा है। जांच में सामने आया है कि कुणाल ने अमन के बैंक खाते में पैसे जमा कराए थे। इसके अलावा, कई अन्य खातों से भी पांच-पांच हजार रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस इन पैसों के स्रोत और इस्तेमाल की जांच कर रही है।


एकि पोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं को संदेह है कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से कथित तौर पर जुड़े अनिल पंडित ने अमन के बैंक खाते में रकम भेजी थी। अमन ने कथित तौर पर यह रकम निकालकर कुणाल को दी थी। पुलिस को आशंका है कि इस पैसे का इस्तेमाल फायरिंग में प्रयुक्त हथियार खरीदने के लिए किया गया हो सकता है। हालांकि, इस वित्तीय लेनदेन और फायरिंग की साजिश के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने स्थानीय सोनीपत पुलिस की मदद से अमन को पकड़ा। उसे हरियाणा की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया की जा रही है, ताकि उसे मुंबई लाकर आगे की पूछताछ की जा सके।
■ 18 अक्टूबर को जुहू में हुई थी फायरिंग
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 की शाम करीब सात बजे का है। मुंबई के जुहू इलाके में फुटबॉल क्लब से निकलते समय अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए थे, लेकिन उनके कार चालक और एक राहगीर को गोली लगने से चोटें आई थीं।पुलिस ने इस मामले में कथित तौर पर शामिल दो शूटरों और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। जांच में हथियारों की आपूर्ति, हमलावरों को मुंबई तक पहुंचाने और घटना के बाद उनके भागने की व्यवस्था करने में कई लोगों की भूमिका सामने आई है।11 आरोपियों को 6 नवंबर तक पुलिस हिरासतइस मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के प्रावधान भी लागू किए हैं। 29 अक्टूबर को सभी 11 गिरफ्तार आरोपियों को विशेष मकोका अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने उन्हें 6 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल संपर्क, बैंक खातों, पैसों के लेनदेन और हथियारों की आपूर्ति करने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है। फरार आरोपी अनिल पंडित की तलाश भी जारी है।क्राइम ब्रांच को संदेह है कि यह फायरिंग एक बड़े संगठित आपराधिक नेटवर्क की साजिश का हिस्सा हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हमले के लिए हथियार कहां से खरीदे गए, इसके लिए पैसा किसने उपलब्ध कराया और इस पूरी साजिश में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।


