■ पेयजल, लिफ्ट, साफ-सफाई, भोजन और वाई-फाई जैसी समस्याओं को लेकर संयुक्त संचालक को सौंपा ज्ञापन; समय पर समाधान नहीं होने पर छात्रावास के विद्यार्थियों के साथ उग्र आंदोलन की चेतावनी।
मुंबई वार्ता संवाददाता

सरकारी छात्रावासों में विद्यार्थियों को हो रही मूलभूत सुविधाओं की कमी और विभिन्न समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अभाविप की ओर से उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर छात्रावासों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की गई। संगठन ने प्रशासन को मांगों पर ठोस कार्रवाई के लिए 11 दिनों का समय दिया है। निर्धारित अवधि में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर छात्रावास के विद्यार्थियों को साथ लेकर तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।


ज्ञापन सौंपने के दौरान सरकारी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों ने भी एकजुट होकर अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। इसके बाद संयुक्त संचालक के साथ इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।


अभाविप के अनुसार, सरकारी छात्रावासों में विद्यार्थियों को पेयजल की समस्या, खराब लिफ्ट, नियमित साफ-सफाई का अभाव, कैंटीन में अस्वच्छता और पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा छात्रावासों की इमारतों की जर्जर स्थिति भी विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
संगठन ने छात्रावासों में चूहों, कबूतरों और खटमलों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने की मांग की है। इसके साथ ही प्रत्येक मंजिल पर पीने के पानी की व्यवस्था, पुस्तकालय का नवीनीकरण, कंप्यूटर सुविधाओं को सुचारू रूप से शुरू करने और निर्बाध वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई है।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराने के लिए छात्रावास भोजन समिति गठित करने तथा विद्यार्थी कल्याण निधि के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन में छात्रावासों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं के अभाव का असर उनके दैनिक जीवन और पढ़ाई पर नहीं पड़ना चाहिए। विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने के बाद संयुक्त संचालक ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। हालांकि, अभाविप ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान होना चाहिए। इसी उद्देश्य से प्रशासन को 11 दिनों की समयसीमा दी गई है।
इस अवसर पर अभाविप मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार, मुंबई महानगर छात्रावास प्रमुख अथर्व, संगठन के अन्य कार्यकर्ता और सरकारी छात्रावासों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अभाविप मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने कहा, “छात्रावास में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना उनका अधिकार है। प्रशासन को 11 दिनों के भीतर इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए। अन्यथा अभाविप विद्यार्थियों को साथ लेकर तीव्र आंदोलन करेगी। विद्यार्थियों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।”


