■ बीएमसी आयुक्त की अध्यक्षता में संयुक्त बैठक की मांगमाहुल भेजने का प्रस्ताव रद्द कर हाईकोर्ट के आदेशानुसार पांच किलोमीटर के दायरे में ही पुनर्वास देने की मांग।
मुंबई वार्ता संवाददाता

कांदिवली (पूर्व) के लोखंडवाला क्षेत्र में वाटर रिजर्वॉयर (जलाशय) और 120 फीट चौड़ी डीपी रोड परियोजना से प्रभावित करीब 1,600 नागरिकों ने अपने पुनर्वास को लेकर आवाज बुलंद की है। प्रभावित नागरिकों ने हाल ही में भाजपा पूर्व नगरसेवक विनोद मिश्रा के जनसंपर्क कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं और मांग की कि उन्हें 225 वर्गफुट के बजाय 304 वर्गफुट का घर दिया जाए।


नागरिकों का कहना है कि उन्हें जबरन 225 वर्गफुट का घर स्वीकार करने के लिए कहा जा रहा है, जबकि इतनी कम जगह में परिवार का उचित पुनर्वास संभव नहीं है। उनका स्पष्ट कहना है कि वे अपने हक से समझौता नहीं करेंगे और परियोजना से प्रभावित प्रत्येक पात्र नागरिक को 304 वर्गफुट का घर मिलना चाहिए।इसके अलावा विनोद मिश्रा ने सशुल्क पात्र नागरिकों को माहुल में पुनर्वास देने संबंधी महानगरपालिका के प्रस्तावित प्रपत्र को रद्द करने की भी मांग की है।


प्रभावित नागरिकों का कहना है कि सशुल्क पुनर्वास के लिए पात्र लोगों को माहुल भेजने के बजाय बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप परियोजना स्थल से पांच किलोमीटर के दायरे में ही पुनर्वास की व्यवस्था की जानी चाहिए।
विनोद मिश्रा ने इस पूरे मामले के समाधान के लिए बीएमसी आयुक्त की अध्यक्षता में तत्काल संयुक्त बैठक आयोजित करने की मांग की है, ताकि प्रभावितों की समस्याओं और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर सभी संबंधित पक्षों के साथ चर्चा कर उचित निर्णय लिया जा सके।प्रभावित नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें उनका अधिकार यानी 304 वर्गफुट का घर नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।


