मुंबई वार्ता संवाददाता

IIT मुंबई में छात्र की आत्महत्या की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और हृदयविदारक है। इस घटना से छात्र समुदाय में गहरी चिंता पैदा हो गई है। शैक्षणिक संस्थानों को छात्रों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके मानसिक स्वास्थ्य के प्रति भी अधिक संवेदनशीलता दिखाने की आवश्यकता है।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की ओर से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की गहन, निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र SIT (विशेष जांच दल) के माध्यम से जांच कराई जाए। इस जांच में यदि छात्र पर किसी भी प्रकार का दबाव, उत्पीड़न, लापरवाही या अन्य कोई बात सामने आती है, तो संबंधितों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।


अभाविप मुंबई महानगर मंत्री अभिषेक पवार ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा, *”छात्रों का जीवन और उनका मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसी घटनाओं को केवल एक घटना के रूप में न देखकर इसके पीछे के सभी संभावित कारणों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। इस मामले की स्वतंत्र SIT जांच कराकर सत्य को सामने लाया जाना चाहिए। छात्रों को एक सुरक्षित, संवेदनशील और विश्वासपूर्ण वातावरण प्रदान करना प्रशासन का उत्तरदायित्व है।”


अभाविप ने यह भी मांग की है कि IIT मुंबई प्रशासन छात्रों के लिए उपलब्ध परामर्श (काउंसलिंग) और मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करे और उन्हें अधिक सहज एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराए। संस्थान के स्तर पर ठोस उपाय किए जाने आवश्यक हैं ताकि छात्र अपनी समस्याओं को खुलकर रख सकें और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समय पर उचित सहायता मिल सके।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रों के हित में उनके साथ खड़ी है। जब भी छात्रों की सुरक्षा, सम्मान, मानसिक स्वास्थ्य या अधिकारों का प्रश्न उठेगा, अभाविप प्रशासन के समक्ष छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाती रहेगी।अभाविप इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करती है और छात्रों से यह अपील करती है कि वे किसी भी कठिन परिस्थिति में अकेले न रहें, बल्कि अपने मित्रों, शिक्षकों, परिजनों, काउंसलर या किसी विश्वसनीय व्यक्ति से संवाद अवश्य करें।


