कर्मचारियों की कमी से बेहाल भिवंडी का अग्निशमन दल,160 पदों में से 111 पद रिक्त।

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■ 49 कर्मचारियों पर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के आगजनी पर काबू पाने की जिम्मेदारी का बोझ.

● तीन वर्षों में शहर व ग्रामीण क्षेत्र में घट चुकी है आग लगने की 745 घटनाएं,581 बचाव कार्य हुए.

● फायर ब्रिगेड कर्मियों की कमी का खामियाजा भुगत रही जनता,हजारों गोदामों की अग्नि सुरक्षा रामभरोसे .

मुंबई वार्ता संवाददाता।भिवंडी

भिवंडी मनपा का अग्निशमन दल इन दिनों कर्मचारियों की कमी से पूरी तरह बेहाल है।इस विभाग में मुख्य अग्निशमन अधिकारी और उप-मुख्य अग्निशमन अधिकारी के दोनों जिम्मेदार पद खाली हैं, जिससे प्रभारी अधिकारियों पर अतिरिक्त बोझ है।हालांकि मनपा के पास पर्याप्त उपकरण और वाहन हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया रुकने के कारण कर्मचारियों की कमी से अग्निशमन दल पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।

सूत्र बताते है अग्निशमन दल में मंजूर 111 पद रिक्त पड़े है।सिर्फ 49 कर्मचारियों पर 15 लाख की जनसंख्या की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।साथ ही 50 हजार गोदामों की सुरक्षा भी इस कारण राम भरोसे है।भिवंडी शहर और तालुका की लगभग 14 लाख की आबादी है। जिसमें भिवंडी शहर की लगभग 10 लाख आबादी शामिल है। शहर व आसपास के ग्रामीण इलाकों में आग से निपटने की ज़िम्मेदारी भिवंडी अग्निशमन विभाग पर है।

पिछले कई वर्षों से भिवंडी अग्निशमन विभाग में भर्ती न होने के कारण अग्निशमन विभाग को अपर्याप्त कर्मचारियों के सहारे यह कठिन कार्य करना पड़ रहा है।अग्निशमन दल के अनुसार मनपा के अग्निशमन दल में मुख्य अग्निशमन अधिकारी और उप-मुख्य अग्निशमन अधिकारी दोनों पद रिक्त हैं, इसलिए इनका कार्यभार प्रभार प्रभारी अधिकारियों को सौंपा गया है।बताते है कि सब स्टेशन ऑफिसर या स्वीकृत 12 पदों में से 1 रिक्त है,वही चालक परिचालक हेतु मंजूर 31 पदों में से मात्र 1 रिक्त पद भरा है।

लीडिंग फायरमैन के स्वीकृत 15 पदों में से 1 रिक्त है, 14 भरे जा चुके हैं। फायरमैन के स्वीकृत 100 पदों में से 46 भरे जा चुके हैं और 54 रिक्त हैं, यानी कुल 160 पदों में से मात्र 49 पद ही भरे है बाकी 111 अधिकारियों व कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं। साथ ही अग्निशमन विभाग का अग्निशमन जल मीनार 1 है। दमकल गाड़ी 8,बहुउद्देशीय दमकल (फोम टेंडर) 5, जल ब्राउज़र 5, मिनी फायर इंजन 7,अग्निशमन एवं बचाव वैन 2,फायर जीप 1,यहां 3 फायर बाइक समेत 32 वाहन हैं।इन आंकड़ों से साबित होता हैं कि भिवंडी मनपा अग्निशमन विभाग के पास व्यवस्था है,लेकिन इसका संचालन करने हेतु कर्मचारियों का अभाव है।

हैरत की बात यह है कि अग्निशमन बाइकें एक साल से बिना इस्तेमाल के धूल खाती पड़ी हैं। शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में गोदामों में आग लगने पर फायर ब्रिगेड की कड़ी परीक्षा होती है।क्योंकि मनपा के लिए स्थापित प्रणाली की अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक मांग होती है। यदि हम 2022 से 2024 तक पिछले तीन वर्षों का ग्राफ देखें, तो इसी अवधि के दौरान शहर में 440 और ग्रामीण क्षेत्रों में 305 आग की घटनाओ सहित आगजनी की 745 घटनाएं घटित हुईं है। जबकि इन तीन वर्षों के दौरान शहर में 474 और ग्रामीण क्षेत्रों में 107 बचाव दल तैनात किए गए हैं। भिवंडी के ग्रामीण इलाकों में लगातार ट्रैफिक जाम, गोदाम क्षेत्र में संकरी और खराब सड़कें और वहां पानी की कमी के कारण इस क्षेत्र में आग बुझाने के दौरान फायर ब्रिगेड को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

कई बार भिवंडी, ठाणे, कल्याण उल्हासनगर और अन्य जगहों पर फायर ब्रिगेड को बुलाना पड़ता है।गोदाम क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा के प्रति एमएमआरडीए लापरवाहभिवंडी के ग्रामीण क्षेत्र में 50,000 से अधिक गोदाम हैं।जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का माल संग्रहीत किया जाता है। इस क्षेत्र में कई सेवा प्रदाता स्थित हैं। जिसमें प्रतिदिन लाखों नागरिक रोजगार के लिए आते हैं।

सरकार ने 2009 से इस ग्रामीण क्षेत्र को विकसित करने की जिम्मेदारी एमएमआरडीए प्राधिकरण को सौंपी है। लेकिन इन 15 वर्षों के दौरान, इस क्षेत्र में विकास शुल्क के रूप में करोड़ों रुपये वसूलने वाले एमएमआरडीए प्रशासन ने कभी भी इस क्षेत्र में फायर स्टेशन बनाने की पहल नहीं की। 2021 में तत्कालीन सांसद कपिल पाटिल द्वारा इस संबंध में भेजे गए पत्राचार के जवाब में, एमएमआरडीए ने 7 जुलाई 2020 को प्राधिकरण की बैठक क्रमांक 149 में 11 मई 2021 को इस क्षेत्र में एक स्वतंत्र फायर स्टेशन के निर्माण को मंजूरी दी थी और बताया कि फायर ब्रिगेड के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।जो आज तक संभव नहीं हो सका।

विक्रम दराडे (उपायुक्त,भिवंडी मनपा अग्निशमन दल) ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में मनपा के अग्निशमन विभाग में अत्याधुनिक उपकरणों से लैस वाहनो को शामिल किए गए हैं। लेकिन इनका उपयोग करने के लिए मनपा के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं।कर्मचारियों के भारती की प्रक्रिया शुरू है और अगले 4 से 5 माह में कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी।फिलहाल जितने कर्मचारी है उनके द्वारा तीन शिफ्ट में ड्यूटी लगाकर अग्निशमन विभाग को इतने कम कर्मचारियों द्वारा संचालित किया जा रहा है।जिससे कर्मचारियों पर हमेशा काम का अधिभार रहता है।

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