■ मालाड में आपणो राजस्थान परिवार का आयोजन
वरिष्ठ संवाददाता/मुंबई वार्ता

अखिल भारतीय संस्था गर्भस्थ शिशु संरक्षण समिति एवं आपणो राजस्थान परिवार के संयुक्त तत्वावधान में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
मालाड पूर्व स्थित अल्टामोंटे परिसर में गर्भपात, गौ हत्या, भ्रूण हत्या जैसे पाशविक कृत्य और इससे उत्पन्न दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई। सनातन समाज के लिए खतरनाक बताते हुए सामाजिक पतन व राष्ट्रीय संकट पर चर्चा हुई।कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए संस्था की राष्ट्रीय मंत्री सरिता सरावगी (रायपुर) ने संस्था परिचय उसकी गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था पिछले 21 वर्षों से ब्रह्मलीन संत स्वामी रामसुखदास जी महाराज की प्रेरणा से पूरे भारत में सम्मेलन, सेमिनार व जन जागरण रैलियों का आयोजन करती आ रही है। साथ ही साहित्य वितरण कर भ्रूण हत्या विरोधी अभियान चला रही है।
श्याम सुन्दर मंत्री (कुचामन सिटी) ने पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव से नई पीढ़ी में संस्कारों के क्षय से उत्पन्न संकट पर चर्चा करते हुए संयुक्त परिवार की उपयोगिता बताते हुए ‘बेटी और बहू को पढ़ाओ’ पर जोर दिया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष राम किशोर तिवाड़ी (बीकानेर) ने बताया कि जिन राष्ट्रों ने गर्भपात को जनसंख्या नियंत्रण का माध्यम बनाया है वे आज भारत सहित अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहे हैं। इस अवसर पर अमेरिका में बनी “मूकचीख” डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। डिम्पल सरावगी की अगुवाई में प्रीती आडूकिया, रचना, उर्वी, अंजू अग्रवाल आदि ने नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। संगोष्ठी में सुनील शरण शास्त्री, डॉ. श्याम अग्रवाल, देवकीनंदन जिंदल, रामचंद्र रामुका, कमल पोद्दार, कृष्ण कुमार आडूकिया, विजय बगड़िया, हर्ष सरावगी आदि उपस्थिति थे। संचालन ज्योत्सना चौधरी ने किया।


