■ अगर सरकार ने अपेक्षित रवैया नहीं अपनाया तो कबूतरखाने में ही बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन होगा – जैन ऋषि महाराज.
मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में रहे दादर स्थित कबूतरखाने को लेकर विवाद फिर बढ़ने की संभावना है। दादर स्थित कबूतरखाने पर तिरपाल लगाने का काम फिर से शुरू हो गया है। मुंबई नगर निगम ने बांस और तिरपाल लगाने का काम शुरू कर दिया है और इस जगह पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।


हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पहले भी इस कबूतरखाने पर बांस और तिरपाल लगाया गया था। लेकिन जैन समुदाय के लोगों ने विरोध किया और तिरपाल हटा दिया। एक ओर जैन मुनियों ने सरकार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी थी, वहीं दूसरी ओर रविवार रात दादर के कबूतरखाना इलाके में अचानक सुरक्षा बढ़ा दी गई। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ दंगा नियंत्रण दल को भी कबूतरखाना इलाके में तैनात किया गया है। इसके चलते दादर स्टेशन के पास स्थित कबूतरखाना छावनी का रूप ले चुका है।


गत बुधवार को जैन समुदाय ने कबूतरखाने के पास बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने नगर निगम द्वारा लगाए गए तिरपाल को फाड़ दिया था। अब एक और विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।जैन समुदाय दादर स्थित कबूतरखाना बंद किए जाने का कड़ा विरोध कर रहा है। ऐसे में जैन मुनि नीलेश चंद्र विजय ने सरकार को सीधे चुनौती देने के लिए बोलना शुरू कर दिया। जैन मुनि ने कबूतरखाने का विरोध कर रहे सत्ताधारी नेताओं से कुछ सवाल भी पूछे। जैन मुनि ने यह भी चेतावनी दी कि अगर सरकार कबूतरखाने पर अपेक्षित रुख नहीं अपनाती है, तो कबूतरखाने में ही बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।


