जय सिंह / मुंबई वार्ता

दिल्ली पुलिस ने एक कुख्यात गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है, जो दिन में फल की रेहड़ी लगाता था और रात होते ही संगठित बैंक लूट की वारदातों को अंजाम देता था। आरोपी की पहचान 51 वर्षीय कमरुल उर्फ़ ‘मामू’ के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है।


डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा ने बताया कि कमरुल ‘मामू गैंग’ का सरगना है, जो पिछले करीब 30 वर्षों से बैंक लूट की घटनाओं में शामिल है। गिरोह के सदस्य अलग-अलग राज्यों में जाकर रेकी करते थे और रात में बैंक के ताले तोड़कर नकदी और कीमती सामान लूट लेते थे।


● कैसे हुआ गिरफ़्तार
5 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली कि कमरुल दिल्ली के महावीर एन्क्लेव इलाके में छिपा हुआ है। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने कई राज्यों में बैंक लूट की वारदातों में शामिल होने की बात कबूल की।
● कमरुल का ‘डबल रोल’
रात मेंफल की रेहड़ी लगाकर इलाके की रेकी करता था।
● बैंक और दुकानों की तिजोरियों को तोड़कर चोरी करता था।
●कानूनी इतिहास भी लंबा1996 से अब तक 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज, गैंगस्टर एक्ट में भी मामला
कर्नाटक में 18 अक्टूबर 2025 को गैर-जमानती वारंट जारीपुलिस का कहना है कि वारदात के बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग शहरों में जाकर छिप जाते थे, ताकि उन्हें ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।
● पुलिस अब क्या कर रही है?
पुलिस ने गिरोह के नेटवर्क की पहचान कर ली है और कई राज्यों में छापेमारी जारी है।—संक्षेप में:एक साधारण फलवाले के भेष में छुपा यह शातिर अपराधी तीन दशकों से पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन इस बार पुलिस के जाल से नहीं बच पाया।


