मुंबई वार्ता संवाददाता

● पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन पुणे.
पुलिस के सामने आने वाली चुनौतियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े नए मुद्दों को ध्यान में रखते हुए 60 साल बाद पुलिस बल की नई संरचना तैयार की गई है। पुलिस थानों का पुनर्गठन किया गया है और नारकोटिक्स तथा फॉरेंसिक यूनिट बनाई गई है। आगे भी पुलिस बल को आधुनिक बनाने के लिए सरकार की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। पुणे शहर के लिए लोहेगांव, लक्ष्मीनगर, नऱ्हे, मांजरी और येवलेवाड़ी इन पांच पुलिस थानों की मांग की गई है, जिन्हें मंजूरी दी जाएगी। इसके लिए आवश्यक 1,000 कर्मचारियों की भी मंजूरी दी जाएगी, ऐसा आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया।


मुख्यमंत्री फडणवीस पुलिस मुख्यालय, शिवाजीनगर में पुणे शहर पुलिस आयुक्तालय की ओर से शहर में स्थापित की जाने वाली विभिन्न परियोजनाओं के भूमिपूजन और उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एवं जिले के पालकमंत्री अजीत पवार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे, अपर मुख्य सचिव (गृह) इकबाल सिंह चहल, पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला, महाराष्ट्र राज्य पुलिस आवास एवं कल्याण महामंडल की प्रबंध निदेशक अर्चना त्यागी, पुणे शहर पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, पुलिस सह आयुक्त रंजन कुमार शर्मा तथा अन्य मान्यवर उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि पुणे को दो पुलिस उपायुक्त देने की मंजूरी जल्द दी जाएगी। शहरों का विस्तार होते समय पुलिस बल में भी सुधार जरूरी है। एक नए पुलिस थाने का उद्घाटन और चार पुलिस थानों का भूमिपूजन किया गया है। राज्य सरकार ने शहर के लिए 7 पुलिस थानों की मंजूरी दी है, जो राज्य में पहली बार हुआ है। पुणे के विस्तार और उसके औद्योगिक व शैक्षणिक महत्व को देखते हुए शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। पुणे शहर के सीसीटीवी प्रोजेक्ट का पहला चरण 10 साल पहले शुरू किया गया था। इस प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सुसज्जित नियंत्रण कक्ष से जोड़ना आवश्यक था। आज इस नियंत्रण कक्ष के साथ देश का सबसे आधुनिक सीसीटीवी सिस्टम पुणे शहर के लिए शुरू किया गया है। इससे यातायात पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ अपराध और स्थितियों का विश्लेषण कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से किया जाएगा। अपराधियों को तुरंत खोजने में यह प्रणाली मददगार होगी और अपराधी अब पुलिस की नजर से बच नहीं पाएंगे।
● पुणे की सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं
निर्जन क्षेत्रों की निगरानी का कार्य बोपदेव घाट से तकनीकी माध्यम से शुरू किया जाएगा। अगले दो वर्षों में शहर के आसपास की 22 पहाड़ियों पर निगरानी रखी जाएगी। यदि इस प्रणाली के कैमरे बंद हो जाते हैं तो नियंत्रण कक्ष को तुरंत सूचना मिलेगी और 24 घंटे में इन कैमरों की मरम्मत कर दी जाएगी। पुणे की सुरक्षा के लिए एक उन्नत और सक्षम प्रणाली तैयार की गई है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सूचना देने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया गया है। नियंत्रण कक्ष से जुड़े और ड्रोन सुविधा वाले 5 आधुनिक नियंत्रण वाहन पुलिस बल को उपलब्ध कराए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर ये वाहन मिनी आयुक्तालय की तरह कार्य कर सकेंगे।
■ पुणे की यातायात व्यवस्था आधुनिक तकनीक से सुधरेगी
पुणे भविष्य का एक विकसित और महत्वपूर्ण शहर है, इसलिए ग्रोथ हब के माध्यम से पुणे का विकास आराखड़ा तैयार किया जा रहा है। इस पृष्ठभूमि पर पुणे के यातायात समस्या को हल करने के लिए उपग्रह तकनीक का उपयोग कर अत्याधुनिक एकीकृत यातायात नियंत्रण प्रणाली स्थापित की जाएगी। इस प्रणाली से ट्रैफिक सिग्नल जोड़े जाएंगे, जिससे शहर में यातायात की गति बढ़ाने और वैकल्पिक मार्गों पर यातायात मोड़ने में मदद मिलेगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से यातायात व्यवस्था पर नियंत्रण रखा जाएगा।
पुणे, पिंपरी-चिंचवड़ और पीएमआरडीए क्षेत्र के यातायात के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अगले 10 वर्षों का आराखड़ा तैयार किया जा रहा है, जिसे जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। जनता के सुझावों के आधार पर अंतिम यातायात प्रबंधन आराखड़ा तैयार किया जाएगा, ऐसा श्री फडणवीस ने कहा।सरकार ने मादक पदार्थों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की है। पुणे पुलिस ने इस संदर्भ में अच्छा काम किया है, लेकिन आगे भी मादक पदार्थों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम चलानी होगी। मुख्यमंत्री ने कानून से संघर्षरत बच्चों के जीवन में बदलाव लाने वाली परियोजना के लिए भी पुणे पुलिस की सराहना की।


