मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में कानून-व्यवस्था की संरचना में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर करीब 50 लाख नागरिकों पर पड़ेगा। शहर में पुलिस ज़ोन का पुनर्गठन किया गया है, जिसके तहत अब कई इलाकों के Deputy Commissioner of Police (DCP) बदल जाएंगे।


क्या है पूरा बदलाव?
राज्य के गृह विभाग द्वारा मंजूर इस पुनर्गठन के तहत:
- पुलिस ज़ोन की संख्या 13 से बढ़ाकर 15 कर दी गई है
- कुल पुलिस स्टेशनों की संख्या 97 हो जाएगी
- 2 नए ज़ोन बनाए गए हैं — एक पूर्वी उपनगरों में और एक उत्तरी क्षेत्र में
- 4 नए पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे


किन इलाकों पर पड़ेगा असर?
घाटकोपर, तिलक नगर, वर्सोवा और मालाड जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों के निवासियों को अब नए DCP के अधीन काम करना होगा।
- घाटकोपर: लगभग 13 लाख आबादी
- तिलक नगर: 6 लाख
- वर्सोवा: 3 लाख
- मालाड: 4.5 लाख
इन सभी क्षेत्रों में पुलिस प्रशासनिक संपर्क का मुख्य चेहरा बदल जाएगा।


नए ज़ोन कैसे बनाए गए?
पूर्वी मुंबई (नया ज़ोन 7)
इस ज़ोन में शामिल होंगे:
- चुनाभट्टी
- नेहरू नगर
- तिलक नगर
- पंत नगर
- घाटकोपर
- विनोबा भावे नगर
- नया थाना: असल्फा
उत्तरी मुंबई (नया ज़ोन 12)
इस ज़ोन में शामिल होंगे:
- वर्सोवा
- ओशिवारा
- अंबोली
- गोरेगांव
- बंगुरनगर
- मालाड
- नया थाना: मार्वे
4 नए पुलिस स्टेशन
शहर में बढ़ती आबादी और दबाव को देखते हुए चार नए थाने बनाए जाएंगे:
- महाराष्ट्र नगर
- गोलिबार
- असल्फा
- मार्वे
इसके अलावा, एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन को खत्म किया जाएगा, और उसका क्षेत्र विले पार्ले और सहार थानों में बांटा जाएगा।
क्यों किया गया यह बदलाव?
मुंबई की आबादी 1.5 करोड़ से अधिक हो चुकी है और उपनगरों का तेजी से विस्तार हुआ है। कई DCP अब तक 10 या उससे ज्यादा थानों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, जिससे निगरानी और प्रतिक्रिया में देरी होती थी।
एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के अनुसार:
“इस पुनर्गठन से प्रशासनिक बोझ कम होगा, कानून-व्यवस्था की निगरानी बेहतर होगी और पुलिस की प्रतिक्रिया तेज होगी।”
नए पद और खर्च
- 1,448 नए पद स्वीकृत किए गए हैं
- हर नए थाने में:
- 5 पुलिस इंस्पेक्टर
- 6 असिस्टेंट इंस्पेक्टर
- 23 सब-इंस्पेक्टर
- 217 कांस्टेबल तैनात होंगे
- वार्षिक खर्च: ₹124.13 करोड़
- एकमुश्त खर्च: ₹7.39 करोड़
क्या बदलेगा आम लोगों के लिए?
हालांकि स्थानीय स्तर पर पुलिसिंग तुरंत नहीं बदलेगी, लेकिन:
- लोगों को नए DCP से संपर्क करना होगा
- प्रशासनिक प्रक्रिया में बदलाव आएगा
- शिकायतों के निपटारे का तरीका अधिक तेज और व्यवस्थित होने की उम्मीद है
यह बदलाव मुंबई पुलिस के ढांचे को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


