मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) मलेरिया, डेंगू और लेप्टोस्पायरोसिस की रोकथाम के लिए लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि, पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों से पता चलता है कि मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस से होने वाली मौतों में वृद्धि हुई है, जबकि डेंगू से होने वाली मौतों में कुछ कमी दर्ज की गई है।


सूचना का अधिकार (RTI) के तहत बीएमसी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता चेतन कोठारी को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में मलेरिया और लेप्टोस्पायरोसिस से जुड़े संदिग्ध मौतों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। मृत्यु पुनरावलोकन समिति की जांच के बाद इन बीमारियों से वास्तविक मौतों की संख्या भी बढ़ी पाई गई।


मलेरिया के आंकड़े:
2023: 11 संदिग्ध मौतें, जिनमें 2 की पुष्टि मलेरिया से हुई।
2024: 18 संदिग्ध मौतें, जिनमें 7 की पुष्टि हुई।
2025: 18 संदिग्ध मौतें, जिनमें 7 की पुष्टि हुई।
लेप्टोस्पायरोसिस के आंकड़े:
2023: 32 संदिग्ध मौतें, जिनमें 15 की पुष्टि हुई।
2024: 46 संदिग्ध मौतें, जिनमें 22 मौतें लेप्टोस्पायरोसिस से हुईं।
2025: 32 संदिग्ध मौतें, जिनमें 19 की पुष्टि हुई।
वहीं डेंगू के मामलों में राहत देखने को मिली है।
2023: 43 संदिग्ध मौतें, जिनमें 14 की पुष्टि डेंगू से हुई।
2024: 20 संदिग्ध मौतें, जिनमें 5 की पुष्टि हुई।
2025: 16 संदिग्ध मौतें, जिनमें 8 की पुष्टि डेंगू से हुई।इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जहां डेंगू से होने वाली मौतों में कमी आई है, वहीं मलेरिया और विशेष रूप से लेप्टोस्पायरोसिस अभी भी मुंबई के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं।
बीएमसी ने नागरिकों से बारिश के मौसम में स्वच्छता बनाए रखने, जलभराव से बचने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय जांच कराने की अपील की है।


