● सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है.
● मुख्यमंत्री और मंत्रियों का व्यवहार असंवैधानिक है.

● कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने नागपुर हिंसा और राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की.
मुंबई वार्ता संवाददाता


महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं की एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात कर राज्य सरकार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की है।
राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, शांति स्थापित करना तथा लोगों के बीच सौहार्द का माहौल सुनिश्चित करना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है, लेकिन दुर्भाग्य से महागठबंधन सरकार जानबूझकर धार्मिक विभाजन पैदा करने के लिए धार्मिक कट्टरता का जहर फैला रही है। भाजपा परिवार के संगठन औरंगजेब की कब्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हैं और मंत्री और मुख्यमंत्री बयान देते हैं। राज्य में वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है तथा मुख्यमंत्री व मंत्रियों का व्यवहार असंवैधानिक है।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के अलावा विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष माणिकराव ठाकरे, पूर्व मंत्री डॉ. नितिन राऊत, विधायक अमीन पटेल, भाई जगताप, विकास ठाकरे, राजेश राठौड़, संजय मेश्राम, बालासाहेब मंगुलकर, पूर्व सांसद हुसैन दलवई, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहन जोशी, प्रदेश महासचिव राजेश शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत सहित अनेक नेता उपस्थित थे।
इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के मत्स्य पालन एवं बंदरगाह मंत्री नितेश राणे राजनीतिक लाभ के लिए दो धर्मों के बीच दरार पैदा करने के उद्देश्य से लगातार विवादित बयान देते रहे हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा उनका समर्थन करने का मतलब यह है कि राज्य में सामाजिक सद्भाव और शांति को बाधित करना राज्य सरकार की नीति है। औरंगजेब का मकबरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, जो कि केन्द्र सरकार का एक विभाग है, द्वारा संरक्षित एक स्मारक है। इस तथ्य के बावजूद कि केंद्र द्वारा संरक्षित इस संरचना की सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य सरकार की भी है। भाजपा की मूल सहयोगी संगठन आरएसएस के अलावा विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल औरंगजेब की कब्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री और नितेश राणे जैसे मंत्रियों ने संविधान के आधार पर मंत्री पद की शपथ ली है। संविधान के संरक्षक के रूप में यह सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है कि राज्य संविधान के आधार पर चले। ऐसे में राणे जैसे मंत्रियों को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए ।
सपकाल ने आगे कहा कि नागपुर शहर में रामनवमी और ताजुद्दीन बाबा के उरुस में दोनों धर्मों के लोग उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। नागपुर शहर ने आज तक सामाजिक सद्भावना बनाए रखने के लिए काम करके एक मिसाल कायम की है। यह अत्यंत चिंताजनक एवं निंदनीय है कि इसी शहर में धार्मिक मुद्दों पर हिंसा की घटना घटी। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी की फैक्ट्स फाइंडिंग कमेटी ने शहर में हिंसा भड़कने के कारणों का पता लगाने तथा शहर में शांति स्थापित करने के लिए नागपुर का दौरा किया, लेकिन पुलिस ने समिति को दंगा प्रभावित क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस कमेटी ने सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर दंगों के बारे में जानकारी ली और राज्यपाल को भी इसकी जानकारी दी है ।


