मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बलात्कार के आरोपी कथित भोंदूबाबा अशोक खरात मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रुपाली चाकणकर का इस्तीफा लेकर यह प्रकरण खत्म नहीं किया जा सकता। इस मामले में कुछ मंत्रियों और अधिकारियों के नाम भी सामने आए हैं, इसलिए सभी संबंधित लोगों की गहन जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, ऐसी मांग मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड ने की है।


वर्षा गायकवाड ने कहा कि अशोक खरात के कृत्यों का कई महिलाएं शिकार हुई हैं और उनका यौन व आर्थिक शोषण किया गया है। महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा विरोधी कानून होने के बावजूद ऐसे भोंदूबाबा राजनीतिक संरक्षण में खुलेआम तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को ठगते हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू, फुले और आंबेडकर जैसे महापुरुषों की प्रगतिशील परंपरा वाले राज्य में इस तरह की घटनाएं चिंताजनक हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि डॉ. नरेंद्र दाभोलकर ने अंधश्रद्धा उन्मूलन के लिए बड़ा योगदान दिया था, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने कहा कि सरकार ने एसआईटी के जरिए जांच शुरू की है, लेकिन जब तक अशोक खरात से जुड़े और उसके संपर्क में रहे मंत्रियों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक पीड़ित महिलाओं को न्याय नहीं मिलेगा।


गायकवाड ने राज्य महिला आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन रुपाली चाकणकर अपने कार्यकाल में इस भूमिका में असफल रही हैं। उन्होंने महिलाओं की मदद करने के बजाय उन्हें और मुश्किल में डाला।
अशोक खरात मामले में भी उन्होंने अंत तक अपना संबंध न होने का दावा किया और अंततः मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस्तीफा दिया।उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई कर यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में अशोक खरात जैसे लोग दोबारा पनप न सकें।


