मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

शिवसेना की ओर से अंधेरी विधानसभा क्षेत्र में युवा संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं ने हिस्सा लिया और शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रतियोगी परीक्षाओं, कला और मराठी भाषा सीखने जैसे मुद्दों पर डॉ. श्रीकांत शिंदे से सीधे सवाल किए। डॉ. शिंदे ने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि युवाओं को केवल वोट बैंक के नजरिए से नहीं, बल्कि उनके भविष्य के नजरिए से देखना जरूरी है।


कार्यक्रम का आयोजन अंधेरी विधानसभा के विधायक मुरजी पटेल ने किया था। इस दौरान उद्योग मंत्री उदय सामंत, सांसद रविंद्र वायकर सहित शिवसेना के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
■ मुरजी पटेल ने गिनाई श्रीकांत शिंदे की संघर्ष यात्रा
मुरजी पटेल ने कहा कि आज युवा शिवसेना से उम्मीदें लगाए हुए हैं। उन्होंने डॉ. श्रीकांत शिंदे की संघर्षपूर्ण यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं में यह जानने की उत्सुकता है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने डॉक्टर की पढ़ाई पूरी कर सफलता कैसे हासिल की।


पटेल ने कहा कि उन्होंने शिवसेना को घर-घर तक पहुंचाने का वादा किया था और यह काम लगातार जारी है। उन्होंने खुद को जमीन पर काम करने वाला कार्यकर्ता बताते हुए कहा कि उनके साथ जुड़ने वाले बड़ी संख्या में लोग सामान्य परिवारों और झोपड़पट्टियों में रहने वाले हैं।
उन्होंने डॉ. श्रीकांत शिंदे के नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि रात के दो बजे भी फोन करने पर वे कार्यकर्ताओं का फोन उठाते हैं।
■ उदय सामंत ने की श्रीकांत शिंदे की तारीफ
उद्योग मंत्री उदय सामंत ने डॉ. श्रीकांत शिंदे की मेहनत और देशभक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्रीकांत शिंदे ने मेहनत के दम पर डॉक्टर की पढ़ाई पूरी की और उनके अंदर देशभक्ति की भावना है।
सामंत ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि देश पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की सच्चाई दुनिया के सामने रखने की जिम्मेदारी श्रीकांत शिंदे ने निभाई।
■ हर विधानसभा में ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का सुझाव
युवा संवाद के दौरान युवाओं ने महंगी ऑनलाइन कोचिंग फीस का मुद्दा उठाया। युवाओं ने पूछा कि आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए सरकार क्या कदम उठा सकती है। एक छात्र ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया, ताकि गरीब और जरूरतमंद विद्यार्थियों को महंगी कोचिंग पर निर्भर न रहना पड़े।
डॉ. श्रीकांत शिंदे ने इस सुझाव को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कुछ स्थानों पर ऐसी कक्षाएं शुरू की गई हैं और जल्द ही सभी से चर्चा कर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की कक्षाएं शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
■ स्टार्टअप और AI को लेकर युवाओं में उत्साह
युवाओं ने स्टार्टअप शुरू करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल किए। श्रीकांत शिंदे ने कहा कि स्टार्टअप के क्षेत्र में महाराष्ट्र देश में आगे है। उन्होंने कहा कि AI के क्षेत्र में काम करने को लेकर सरकार ने नीति बनाई है और युवाओं को नए अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
■ कलाकारों को रोजगार और सम्मान देने की मांग
कार्यक्रम में एक छात्र ने कलाकारों के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ाने की मांग रखी। छात्र ने कहा कि जिस तरह डॉक्टर और इंजीनियर को समाज में सम्मान मिलता है, उसी तरह कलाकारों को भी सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए।
श्रीकांत शिंदे ने कहा कि इस सुझाव पर निश्चित रूप से ध्यान दिया जाएगा। कलाकारों को बेहतर अवसर और सम्मान मिले, इसके लिए ठोस प्रयास किए जाने की जरूरत है।
■ यूपी से आए छात्र ने पूछा- मराठी कैसे सीखें?
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश से आए एक छात्र ने मराठी सीखने की इच्छा जताते हुए पूछा कि युवाओं के लिए मराठी भाषा सीखने की व्यवस्था की जा सकती है या नहीं। इस पर श्रीकांत शिंदे ने बताया कि ऑटो-रिक्शा चालकों को मराठी सिखाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए भी इसी तरह की पहल शुरू करने का प्रयास किया जाएगा।
युवाओं से बोले- 2014 से पहले और बाद के कार्यकाल की खुद तुलना करें
कुछ लोगों द्वारा युवाओं को गुमराह किए जाने के सवाल पर श्रीकांत शिंदे ने कहा कि यह चर्चा का विषय है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गलत जानकारी पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन युवा समझदार हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी की बात पर आंख बंद करके विश्वास करने के बजाय खुद जानकारी हासिल करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह देखना चाहिए कि वर्ष 2014 से पहले का कार्यकाल कैसा था और उसके बाद का कार्यकाल कैसा रहा। दोनों कार्यकालों की तुलना करने के बाद युवा खुद तय कर सकते हैं कि सही क्या है और गलत क्या।
■ शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर केंद्रित रहा संवाद
युवा संवाद कार्यक्रम के जरिए शिवसेना ने युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने और शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, AI तथा भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय जानने का प्रयास किया। युवाओं की सक्रिय भागीदारी के कारण कार्यक्रम राजनीतिक संवाद के साथ-साथ युवा-केंद्रित चर्चा का मंच भी बन गया।


