■ मियावाकी पद्धति से लगाए गए 41,207 पेड़; अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे के तत्काल निर्देश पर नागरिकों के लिए खुला उद्यान।
मुंबई वार्ता संवाददाता

चांदिवली स्थित नाहर अमृत शक्ति गार्डन को बंद रखा गया था, जिससे आम नागरिकों को वहां प्रवेश नहीं मिल रहा था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद डॉ. ढाकणे ने उद्यान विभाग को तत्काल गार्डन खोलकर नागरिकों को प्रवेश देने के निर्देश दिए।


खास बात यह रही कि **निर्देश मिलने के महज 25 मिनट के भीतर गार्डन के प्रवेश द्वार का ताला खोल दिया गया और उद्यान नागरिकों के लिए शुरू हो गया। नाहर अमृत शक्ति गार्डन बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आरक्षण के अंतर्गत आने वाला उद्यान है। इसका कुल क्षेत्रफल 33,473.07 वर्ग मीटर यानी लगभग 8.27 एकड़ है। इस उद्यान का विकास नाहर समूह द्वारा किया गया है।इस उद्यान की एक प्रमुख विशेषता यहां मियावाकी पद्धति से लगाए गए 41,207 पेड़ हैं। मियावाकी पद्धति में मुख्य रूप से स्थानीय प्रजातियों के पेड़ों का सघन रोपण किया जाता है। इससे हरित क्षेत्र विकसित करने, जैव विविधता को बढ़ावा देने और शहरी पर्यावरण के संरक्षण में मदद मिलती है।इतने बड़े हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय महत्व के बावजूद आम नागरिकों को उद्यान में प्रवेश से रोके जाने का मामला सामने आया था।
अनिल गलगली ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से नागरिकों को सार्वजनिक उद्यान का लाभ उपलब्ध कराने की मांग की।गलगली की शिकायत पर अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे ने तत्काल हस्तक्षेप किया और संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन की तत्परता के कारण महज 25 मिनट में ताला खुल गया और नागरिकों के लिए उद्यान का रास्ता साफ हो गया।41,207 पेड़ों से समृद्ध मियावाकी उद्यान का नागरिकों के लिए खुलना पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
महानगरपालिका के आरक्षण वाले उद्यानों का लाभ आम जनता को मिलना चाहिए। इस मामले में प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने नागरिकों की सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।


