मुंबई वार्ता संवाददाता

लोकशाहीर साहित्यरत्न अन्नाभाऊ साठे की जयंती के अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्याध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुळे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में UPSC की परीक्षा का प्रश्नपत्र कभी लीक नहीं होता, फिर NEET का पेपर बार-बार कैसे लीक हो जाता है? उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की पारदर्शी जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT), सर्वदलीय बैठक या संयुक्त संसदीय समिति (JPC) का गठन किया जाना चाहिए।


मुंबई में अन्नाभाऊ साठे स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में सुप्रिया सुळे ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा का तेजी से बाजारीकरण हो रहा है और कई कोचिंग संस्थान अब बड़े कारोबारी समूह बन चुके हैं। उनका कहना था कि छात्रों को न्याय दिलाने और परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर काम करना होगा।
सुप्रिया सुळे ने कहा कि आधार कार्ड जैसी विशाल व्यवस्था पारदर्शी ढंग से लागू की जा सकती है, तो परीक्षा प्रणाली को भी सुरक्षित बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि केवल दोषियों को सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करना होगा। उन्होंने सरकार से विपक्ष को विश्वास में लेकर इस गंभीर मुद्दे का समाधान निकालने की अपील भी की।
इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने कहा कि मुंबई के घाटकोपर स्थित चिरागनगर में, जहां अन्नाभाऊ साठे निवास करते थे, उनके सम्मान में बन रहा स्मारक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि अन्नाभाऊ साठे ने श्रमिकों, वंचितों और सामाजिक परिवर्तन के लिए जो योगदान दिया, वह अतुलनीय है और उनके कार्य के अनुरूप स्मारक का निर्माण स्वागतयोग्य कदम है।
शशिकांत शिंदे ने कहा कि स्मारक के निर्माण में उन लोगों को भी शामिल किया जाना चाहिए, जिन्होंने वर्षों तक इसके लिए संघर्ष किया और अन्नाभाऊ साठे के विचारों के प्रचार-प्रसार में जीवन समर्पित किया। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई में मराठी समाज और मेहनतकश वर्ग को सम्मानजनक स्थान मिले, इसके लिए राज्य सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने शरद पवार की राजनीतिक कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि दूरदृष्टि, धैर्य, सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में समाधान निकालने की जो कला है, वह शरद पवार में स्पष्ट दिखाई देती है।
कार्यक्रम में सुप्रिया सुळे, शशिकांत शिंदे, मिलिंद कांबळे, सुहेल सुभेदार, भालचंद्र शिरोळ, प्रतिक नांदगावकर, अमित पाटील, रणधीर परळकर, डॉ. सुरैना मल्होत्रा, महेश टपाल, अमोल मातेले, प्रशांत दिवटे, फहमीदा खान, मुबारक खान, संजय कांबळे, सत्यवान सोनवणे सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और अन्नाभाऊ साठे के समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


