मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के घाटकोपर स्थित सेठ वाडीलाल छत्रभुज गांधी एवं मोनजी अमीदास व्होरा महानगरपालिका सामान्य अस्पताल (राजावाड़ी अस्पताल) के डॉक्टरों ने एक जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए 46 वर्षीय महिला के गर्भाशय से लगभग 5.5 किलोग्राम वजन और 30 सेंटीमीटर आकार का विशाल ट्यूमर (फाइब्रॉइड) निकालने में सफलता हासिल की है। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और उसे स्वस्थ होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।


बीएमसी के अनुसार, मानखुर्द निवासी 46 वर्षीय महिला पिछले दो वर्षों से पेट में लगातार बढ़ती सूजन, हल्का लेकिन लगातार पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याओं से परेशान थीं। इलाज के लिए उन्होंने राजावाड़ी अस्पताल के स्त्री रोग विभाग के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में संपर्क किया।
डॉक्टरों ने मरीज का विस्तृत चिकित्सकीय इतिहास, शारीरिक परीक्षण और आवश्यक जांच की। जांच में गर्भाशय में करीब 30 सेंटीमीटर आकार की विशाल गांठ पाई गई। प्रारंभिक जांच में इसे जायंट लियोमायोमा (Giant Leiomyoma/Fibroid) होने की आशंका जताई गई।


ट्यूमर के बड़े आकार और उसमें अत्यधिक रक्त वाहिकाओं के कारण ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण था, इसलिए पूरी तैयारी और विशेष सावधानियों के साथ सर्जरी की गई।
इस जटिल शल्यक्रिया का नेतृत्व स्त्री रोग विभाग की डॉ. स्वाधिना बी. मोहंती, डॉ. शालिनी बगारिया, डॉ. अरवा कांबळे और डॉ. काजल साळवी ने किया। एनेस्थीसिया विभाग की जिम्मेदारी डॉ. छवी के मार्गदर्शन में डॉ. श्रेयश और डॉ. नेत्रा ने संभाली। वहीं स्टाफ नर्स नीलाक्षी गुरव और उनकी टीम ने भी ऑपरेशन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
सर्जरी के दौरान निकाले गए 5.5 किलोग्राम वजन वाले ट्यूमर को हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए भेजा गया है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट का इंतजार है।
ऑपरेशन के बाद मरीज की लगातार निगरानी और विशेष देखभाल की गई। सफल उपचार के बाद सर्जरी के पांचवें दिन महिला को स्वस्थ अवस्था में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
बीएमसी के अनुसार, गर्भाशय में इतने बड़े आकार के फाइब्रॉइड का मामला अत्यंत दुर्लभ माना जाता है और इस सफल सर्जरी ने राजावाड़ी अस्पताल के चिकित्सकों की विशेषज्ञता को एक बार फिर साबित किया है।


