मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के मालाड (पूर्व) स्थित कुरार गांव के शारदा बाई गोविंद पवार उद्यान के सार्वजनिक शौचालय में 19 वर्षीय अमन सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने महानगरपालिका के उद्यानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना के मद्देनजर पूर्व नगरसेवक एवं समाजसेवक विनोद मिश्रा ने सोमवार को मुंबई की महापौर और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के आयुक्त से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा।


उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ही मुंबई के सभी उद्यानों, पार्कों और खेल के मैदानों की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव करने की मांग की।विनोद मिश्रा ने इस घटना को उद्यान प्रबंधन में गंभीर लापरवाही का मामला बताते हुए कहा कि मुंबई के सार्वजनिक उद्यान महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों सहित सभी नागरिकों के लिए सुरक्षित होने चाहिए।


उन्होंने मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए महानगरपालिका को अपनी मौजूदा सुरक्षा नीति की समीक्षा कर ठोस कदम उठाने चाहिए।
■ SIT या पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी से जांच की मांग
ज्ञापन में अमन सोनी की मौत के मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। इसके लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने अथवा पुलिस उपायुक्त स्तर के अधिकारी से जांच कराने का सुझाव दिया गया है। साथ ही, जांच में दोषियों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है।
■ 300 से अधिक उद्यानों की सुरक्षा MSF को सौंपने का सुझाव
विनोद मिश्रा ने मुंबई में BMC के 300 से अधिक उद्यानों, पार्कों और खेल के मैदानों की सुरक्षा व्यवस्था महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा महामंडल (MSSC) के अंतर्गत महाराष्ट्र सुरक्षा बल (MSF) को सौंपने की मांग की। उनका कहना है कि फिलहाल इन सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा निजी ठेकेदारों के जिम्मे है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था अपेक्षित सुरक्षा प्रदान करने में विफल साबित हुई है।
उन्होंने मांग की कि निजी ठेकेदारों पर निर्भरता कम करके प्रशिक्षित सुरक्षा बल की तैनाती की जाए, ताकि उद्यानों में आने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।सुरक्षा व्यवस्था का नियंत्रण वरिष्ठ IPS अधिकारी को देने की मांगज्ञापन में यह भी प्रस्ताव रखा गया है कि मुंबई के सभी महानगरपालिका उद्यानों की सुरक्षा व्यवस्था का प्रशासनिक नियंत्रण किसी वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी को सौंपा जाए। इससे सुरक्षा एजेंसियों और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करना आसान होगा।
■ रखरखाव और सुरक्षा के टेंडर अलग-अलग करने पर जोर
विनोद मिश्रा की एक प्रमुख मांग उद्यानों के रखरखाव और सुरक्षा से संबंधित ठेकों को अलग-अलग करने की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में एक ही ठेकेदार को रखरखाव और सुरक्षा, दोनों की जिम्मेदारी दिए जाने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उनके अनुसार, रखरखाव और सुरक्षा के लिए अलग-अलग निविदाएं जारी करने से दोनों कार्यों की जवाबदेही तय की जा सकेगी और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा सकेगा।
इस अवसर पर विनोद मिश्रा ने कहा, “उद्यान महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित जगह होनी चाहिए। एक युवक की मौत की घटना बेहद गंभीर है। भविष्य में किसी अन्य मुंबईकर के साथ ऐसी घटना न हो, इसके लिए BMC को अपनी सुरक्षा नीति में आमूलचूल बदलाव करना चाहिए।”
■ 15 दिनों में कार्रवाई का आश्वासन
विनोद मिश्रा के अनुसार, महापौर और महानगरपालिका आयुक्त ने ज्ञापन में उठाई गई मांगों पर सकारात्मक विचार करने और 15 दिनों के भीतर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि महानगरपालिका उद्यानों की सुरक्षा मजबूत करने, जांच की मांग और ठेका व्यवस्था में बदलाव को लेकर क्या कदम उठाती है।


