श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

हिन्दुस्थान के पूर्व जासूस ने डार्क वेब पर मौजूद एक रिकॉर्डिंग को दर्शाते हुए दावा किया है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी आंदोलन के दौरान एक CJP नेता की हत्या की साजिश रची गई थी।
ज्ञात हो कि गत 10 अक्टूबर को CJP का दिल्ली में आंदोलन आयोजित किया गया था। इस आंदोलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे CJP नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रंका को दिल्ली पुलिस ने आनन-फानन में दिल्ली एयरपोर्ट में फ्लाइट के अंदर से ही कब्जे में ले लिया और अज्ञात स्थान की ओर रवाना हो गए।


यह खबर आते ही लोगों ने कहना शुरू किया था कि पुलिस को इतनी भी क्या जल्दी थी उन्हें फ्लाइट के अंदर से कब्जे में लेने की ? उन्हें फ्लाइट से बाहर निकलने पर एयरपोर्ट पर भी गिरफ्तार किया जा सकता था। हालाकि 9 अक्टूबर को ही हिंदुस्थान के पूर्व जासूस लकी बिष्ट ने सोशल मीडिया X पर इस बात का खुलासा किया था कि CJP के बड़े नेता की आंदोलन के दौरान हत्या करने की साजिश रची गई है।
पूरी वीडियो नीचे दिए लिंक पर मौजूद है:-
https://youtube.com/shorts/ZFdfitxMyyw?si=wW4C8RnCKy0zl_Fx
■ दावा और वायरल चैट:
दिल्ली में होने वाले एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक बड़े नेता की हत्या की साजिश रचे जाने की आशंका जताई जा रही है। इस संबंध में डार्क वेब पर एक सीक्रेट चैट और ऑडियो वायरल हुआ है, जो कथित तौर पर बांग्लादेश (चटगांव) से लीक हुआ है।


■ चैट के निर्देश:
वायरल चैट और ऑडियो के अनुसार, “हृदय” पर वार करने और अपने ही ‘रावण’ यानी नेता को गिराने की बात कही गई है। विश्लेषकों का मानना है कि ‘हृदय’ का संकेत भारत के दिल यानी दिल्ली से है।


■ वायरल ऑडियो का विवरण:
ऑडियो में दो महिलाओं के बीच बंगाली भाषा में बातचीत सुनाई दे रही है, जिसमें वे दिल्ली में अपने भाई के साथ किसी अनहोनी और पैसों के लेन-देन को लेकर बहस कर रही हैं।
■ संदिग्ध गतिविधियां:
वक्ता का अनुमान है कि ये महिलाएं भले ही चटगांव (बांग्लादेश) की भाषा में बात कर रही हों, लेकिन वे भारत के अंदर से ही किसी के इशारे पर काम कर रही हैं और पूरी साजिश को अंजाम दे सकती हैं।
इस जानकारी पर भरोसा करें तो एक बात तो स्पष्ट है कि आंदोलन के दौरान CJP नेता को मार कर पूरे देश का माहौल बिगाड़ने की साजिश पड़ोसी देश बांग्लादेश में ISI के इशारे पर रची रहा था। शायद इस सच्चाई को जानने के कारण ही अनिश्चित काल तक आंदोलन की धमकी देने वाले कॉकरोचों ने एक ही दिन के आंदोलन के बाद कन्नी काट ली।


