■ अजय चिकारा पर निलंबन और चुनाव लड़ने से रोकने की धमकी देने का आरोप; नवनाथ बन ने राहुल गांधी से मांगा जवाब, एमपीएससी आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का भी लगाया आरोप
मुंबई वार्ता संवाददाता

दिल्ली में राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल होने के लिए महाराष्ट्र युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों को कथित तौर पर धमकियां दी गईं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने सोमवार को एक कथित ऑडियो क्लिप दिखाते हुए कांग्रेस पर यह आरोप लगाया।


उन्होंने दावा किया कि युवक कांग्रेस के महासचिव और महाराष्ट्र के प्रभारी अजय चिकारा पदाधिकारियों को तत्काल दिल्ली पहुंचने का निर्देश दे रहे थे और ऐसा नहीं करने पर निलंबन के साथ भविष्य में चुनाव लड़ने से रोकने की धमकी दे रहे थे।
भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवनाथ बन ने कहा कि कथित ऑडियो क्लिप कांग्रेस के भीतर चल रहे दबाव और अनुशासन के नाम पर अपनाए जा रहे रवैये को उजागर करती है। उन्होंने राहुल गांधी से इस मामले में स्पष्टीकरण देने की मांग की। हालांकि, ऑडियो क्लिप में लगाए गए आरोपों और उसकी प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
■ ‘शहर छोड़कर सोमवार को दिल्ली पहुंचने का आदेश’
नवनाथ बन ने दावा किया कि यह ऑडियो रविवार का है, जिसमें महाराष्ट्र युवक कांग्रेस के पदाधिकारियों को निर्देश दिया जा रहा है कि वे जिस शहर में हैं, उसे छोड़कर सोमवार को तत्काल दिल्ली पहुंचें। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में शामिल होने के लिए पदाधिकारियों को इस तरह धमकाया जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेता विश्वजीत कदम के पुणे में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) से जुड़े आंदोलन को बीच में छोड़कर दिल्ली पहुंचने का भी उल्लेख किया। उन्होंने आशंका जताई कि कदम को भी इसी तरह का निर्देश दिया गया होगा। हालांकि, इस संबंध में उन्होंने कोई अलग प्रमाण प्रस्तुत किए जाने की जानकारी नहीं दी।
बन ने कहा कि राहुल गांधी देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करते हैं, लेकिन उनकी अपनी पार्टी में ही कथित तौर पर दबाव की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि क्या पार्टी के भीतर इस तरह का रवैया स्वीकार किया जाएगा।
■ ‘आंदोलन में भीड़ नहीं जुटने पर दी जा रही हैं धमकियां’
नवनाथ बन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को दोबारा राजनीतिक रूप से स्थापित करने के लिए पार्टी के पदाधिकारियों पर दिल्ली पहुंचने का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि यदि किसी आंदोलन में स्वेच्छा से लोग शामिल नहीं हो रहे हैं, तो क्या उन्हें धमकाकर बुलाना उचित है?
उन्होंने यह भी आशंका जताई कि कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को इसी तरह के निर्देश दिए जा रहे होंगे। हालांकि, इन राज्यों के संबंध में उन्होंने संभावनाएं व्यक्त कीं, किसी विशिष्ट घटना का प्रमाण प्रस्तुत करने की जानकारी नहीं दी।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस के सभी नेताओं से सवाल किया कि क्या वे पार्टी के भीतर कथित तौर पर चल रही इस तरह की कार्यप्रणाली को स्वीकार करेंगे। उन्होंने राहुल गांधी से पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की।
■ सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के मुद्दे पर भी कांग्रेस को घेरा
नवनाथ बन ने राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली में हो रहे आंदोलन को लेकर भी कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का रुख सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग और संविधान के प्रति अविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि जनता का राहुल गांधी पर भरोसा नहीं है।
बन ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका की परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए राहुल गांधी की राजनीति पर निशाना साधा। ये सभी टिप्पणियां भाजपा प्रवक्ता के राजनीतिक आरोप और विचार हैं।
■ एमपीएससी आंदोलन पर क्या बोले नवनाथ बन?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवनाथ बन ने पुणे में चल रहे महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) से संबंधित विद्यार्थियों के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले द्वारा विद्यार्थियों से मुलाकात किए जाने के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
उन्होंने एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में पेपर लीक की घटना नहीं हुई थी, फिर भी उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए स्वयं अवकाश पर जाने का निर्णय लिया। बन ने इस फैसले का स्वागत किया और भीमनवार के प्रति आभार व्यक्त किया।
भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले दिन से विद्यार्थियों के साथ थे और उनकी सभी मांगें स्वीकार कर ली गई थीं। इसके बावजूद आंदोलन को राजनीतिक रंग दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आगे भी विद्यार्थियों के साथ खड़े रहेंगे।
नवनाथ बन ने अंत में कांग्रेस नेतृत्व से कथित ऑडियो क्लिप पर स्पष्टीकरण देने की मांग दोहराई। फिलहाल, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर कांग्रेस और संबंधित युवक कांग्रेस पदाधिकारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की दूसरी तरफ भी स्पष्टता मिल सकेगी।


