मुंबई वार्ता संवाददाता

अमेरिका का वीजा हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी रोजगार पत्र जमा करने के मामले में मुंबई की बीकेसी पुलिस ने गुजरात के मेहसाणा निवासी 23 वर्षीय युवक और एक वीजा एजेंट को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्षकुमार भरतसिंह ठाकोर और विनय पाठक के रूप में हुई है। यह कार्रवाई अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की शिकायत के बाद की गई।


पुलिस के अनुसार, हर्षकुमार का 23 सितंबर को सुबह करीब 8.40 बजे बीकेसी स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में वीजा साक्षात्कार निर्धारित था। साक्षात्कार के दौरान अधिकारियों को उसके दस्तावेजों में एक कथित फर्जी ‘शिप जॉइनिंग लेटर’ मिला। इस पत्र में दावा किया गया था कि हर्षकुमार को टीके शिपिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी मिली है।
दस्तावेज पर संदेह होने के बाद अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने संबंधित कंपनी से संपर्क कर पत्र की पुष्टि की। कंपनी की ओर से बताया गया कि हर्षकुमार कभी भी उनके यहां कार्यरत नहीं रहा और कंपनी के रिकॉर्ड में उसके नाम से कोई रोजगार संबंधी दस्तावेज जारी नहीं किया गया है। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तौर पर हर्षकुमार और वीजा एजेंट विनय पाठक के बीच व्हाट्सऐप पर हुई बातचीत भी मिली। पुलिस का आरोप है कि पाठक ने फर्जी रोजगार पत्र तैयार किया और उसे व्हाट्सऐप के जरिए हर्षकुमार को भेजा। इसके बदले कथित तौर पर 5 लाख रुपये लिए गए थे।
पुलिस ने बताया कि मामले में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से जुड़े ओवरसीज क्रिमिनल इन्वेस्टिगेटर केविन के. की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी जॉइनिंग लेटर में दादर पश्चिम स्थित वन इंटरनेशनल सेंटर का पता दर्ज था। हर्षकुमार का भारतीय पासपोर्ट अहमदाबाद से 15 सितंबर 2025 को जारी हुआ था।
पुलिस अब इस मामले में हर्षकुमार के एक चाचा की भी तलाश कर रही है। आरोप है कि उन्होंने ही हर्षकुमार की मुलाकात वीजा एजेंट विनय पाठक से कराई थी।
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को बांद्रा अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें जमानती मुचलके पर रिहा कर दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


