● खरीफ सीजन के लिए सरकार की कोई तैयारी नहीं,
● खाद और बीजों की आपूर्ति प्रचुर मात्रा में होनी चाहिए,
● नकली बीज और लिंकिंग करने वालों पर कार्रवाई हो
● भारत-पाकिस्तान के बीच युद्धविराम के बाद उठे सवालों के जवाब केंद्र सरकार दे
● भारतीय सेना की वीरता को सलाम करते हुए 21 मई को राजीव गांधी बलिदान दिवस पर कांग्रेस राज्यभर में तिरंगा यात्रा निकालेगी
मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य के किसान पहले से ही संकट में हैं और अब उन पर एक और आपदा आ गई है। मई महीने में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। जब किसान प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे हैं, उस समय राज्य की भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार गहरी नींद में है। सरकार को तुरंत नुकसान का पंचनामा कर किसानों को राहत देनी चाहिए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


तिलक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि किसानों को 1 रुपये में मिलने वाली फसल बीमा योजना सरकार ने बंद कर दी है, जो अन्यायपूर्ण है। फसल कटाई पर आधारित नई बीमा योजना किसानों के हित में नहीं है। इस योजना में घोटाला हुआ है और सरकार के पास घोटाला करने वालों पर कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं है। अगर योजना में खामियां हैं तो उन्हें दूर कर योजना को जारी रखना चाहिए, लेकिन सरकार ने योजना ही रद्द कर दी। कांग्रेस की मांग है कि 1 रुपये में फसल बीमा योजना फिर से शुरू की जाए.
● खरीफ सीजन के लिए सरकार तैयार नही.
खरीफ सीजन की तैयारी शुरू हो चुकी है। बीज और खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन कृषि विभाग की कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। व्यापारी नकली बीज बेचकर किसानों को धोखा दे रहे हैं। पूरे राज्य में नकली बीजों का जाल फैला हुआ है। हर साल की तरह इस बार भी खाद-बीज की लिंकिंग कर व्यापारियों द्वारा किसानों को परेशान किया जा रहा है। सरकार केवल कार्रवाई की घोषणाएं करती है, लेकिन कार्रवाई नहीं करती। अब तो सरकार को जाग जाना चाहिए और लिंकिंग करने वालों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए, ऐसी मांग सपकाल ने की है।
● आदिवासी और सामाजिक न्याय विभाग की निधि का हस्तांतरण असंवैधानि
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने ये भी कहा कि भाजपा युति सरकार का शासन पूरी तरह अराजक है। इस सरकार ने सामाजिक न्याय विभाग की निधि को ‘लाडली बहना’ जैसी योजनाओं में ट्रांसफर कर दिया, जो कि असंवैधानिक है। दलित, आदिवासी और ओबीसी समुदाय के लिए आरक्षित निधि को दूसरी योजनाओं में लगाने का निर्णय पूरी तरह गलत है। इस संबंध में राज्यपाल को सरकार से जवाब मांगना चाहिए। विभिन्न योजनाओं के लिए धन की कमी राज्य की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। अगर राज्य सरकार के पास निधि नहीं है, तो फडणवीस, शिंदे और अजित पवार को केंद्र सरकार से विशेष आर्थिक पैकेज लाकर ‘लाडली बहनाओं’ को ₹2100 और किसानों को कर्ज माफी देनी चाहिए।
● केंद्र सरकार सभी प्रश्नों के उत्तर दे
सपकाल ने कहा कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए पूरा देश एकजुट था। कांग्रेस पार्टी सहित सभी विपक्षी दल केंद्र सरकार के साथ मजबूती से खड़े थे। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, तभी अचानक युद्धविराम की घोषणा क्यों करनी पड़ी, यह सवाल उठ रहा है। जब हमारे जवान लड़ रहे थे, उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा कैसे की? क्या अमेरिका भारत-पाक के बीच मध्यस्थता कर रहा है? अगर हाँ, तो क्या शिमला समझौता रद्द कर दिया गया है? ट्रंप ने जो सार्वजनिक रूप से कहा, क्या वह भारत सरकार को मंजूर है? इन सभी सवालों के जवाब देश की जनता को देने चाहिए। इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कांग्रेस पार्टी ने की है। सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति से जनता के मन में संदेह है, जिसका समाधान किया जाना चाहिए।
● 21 मई को कांग्रेस की तिरंगा यात्रा.
ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय जवानों ने अद्वितीय शौर्य का परिचय दिया है। उनके इस शौर्य को सलाम करने और महात्मा गांधी से लेकर पहलगाम आतंकी हमले में बलिदान देने वाले वीरों के प्रति सम्मान व्यक्त करने हेतु, कांग्रेस पार्टी 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बलिदान दिवस पर राज्य के सभी जिलों में तिरंगा यात्रा निकालेगी, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी भी हर्षवर्धन सपकाल ने दी।
● शरद पवार से शिष्टाचार भेंट…
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से मुलाक़ात पर हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद अब तक राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार से भेंट नहीं हो पाई थी। आज उनसे समय लेकर मुलाकात की। शरद पवार वरिष्ठ नेता हैं, उनके पास राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र का 50 वर्षों का अनुभव है। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।


