मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में पिछले 40-45 दिनों से बारिश नहीं होने और फसलों के सूखने से पैदा हुए संकट को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से किसानों के लिए तत्काल राहत पैकेज घोषित करने की मांग की है। उन्होंने किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, संपूर्ण कर्जमाफी और किसानों के बच्चों की शैक्षणिक फीस माफ करने की मांग की।


सपकाल ने रविवार को बुलढाणा जिले में किसानों के खेतों का दौरा कर सूखे की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बारिश के लंबे अंतराल के कारण फसलें सूखकर बर्बाद हो रही हैं और किसान गंभीर संकट में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में सूखे जैसे हालात बनने के बावजूद सरकार बैठकों और चर्चाओं के नाम पर समय बिता रही है। सरकार किसानों की मदद के लिए आखिर किस मुहूर्त का इंतजार कर रही है?
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने बुलढाणा के एक युवा किसान का मामला भी सामने रखा, जिसने अपनी 20 एकड़ सोयाबीन की फसल नष्ट करने का फैसला लिया है। सपकाल के अनुसार, इस किसान ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों से अपने खेत की स्थिति देखने की भावुक अपील की थी, लेकिन कोई भी वहां नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री बुलढाणा जिले के दौरे पर थे, फिर भी उन्होंने इस किसान से मुलाकात नहीं की।
सपकाल ने कहा कि किसान सरकार को माता-पिता समान अभिभावक मानकर मदद की उम्मीद करता है, लेकिन सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि सूखा राजनीति का विषय नहीं है, लेकिन सरकार को किसानों की स्थिति पर सकारात्मक और तत्काल प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से किसानों के लिए पैसे की कमी का बहाना नहीं बनाने की मांग करते हुए कहा कि गैरजरूरी शक्तिपीठ महामार्ग के लिए प्रस्तावित 78 हजार करोड़ रुपये का इस्तेमाल किसानों की मदद के लिए किया जाना चाहिए।
सपकाल ने महायुति सरकार की कर्जमाफी योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बुलढाणा के संबंधित गांव में कर्जमाफी की पहली सूची में केवल दो किसानों के नाम थे, जबकि दूसरी सूची में सिर्फ एक किसान का नाम शामिल किया गया। इस किसान को केवल 40 हजार रुपये की कर्जमाफी मिलने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है।
उन्होंने कहा कि किसानों को तत्काल सहायता देने के लिए कांग्रेस सत्याग्रह कर रही है और पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर आंदोलन कर रहे हैं। सपकाल ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द राहत की घोषणा नहीं की तो कांग्रेस सत्ताधारी दल के मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के खिलाफ आंदोलन तेज करेगी।
इस दौरान सपकाल ने किसानों से भावुक अपील करते हुए कहा कि संकट कितना भी गंभीर हो, उन्हें निराश नहीं होना चाहिए और आत्महत्या जैसा कोई कठोर कदम नहीं उठाना चाहिए। सरकार को संकट में फंसे अन्नदाताओं की तत्काल मदद करनी चाहिए।


