मुंबई वार्ता संवाददाता

वैश्विक राजनीतिक तनाव और जारी ईरान-अमेरिका-इज़राइल संघर्ष का असर अब सीधे आम लोगों की रसोई तक पहुंच गया है। ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी और भीषण गर्मी के कारण मुंबई, नवी मुंबई और महानगर क्षेत्र में सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ गए हैं।


जानकारी के अनुसार, ईरान के होर्मुज क्षेत्र में कई जहाज फंसे होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत पर भी पड़ा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते परिवहन लागत बढ़ गई है, जिससे फल, सब्जियां और डेयरी उत्पाद महंगे होने लगे हैं।


Agricultural Produce Market Committee Vashi में सब्जियों की आवक 20 से 30 प्रतिशत तक घट गई है, जिसका सीधा असर खुदरा बाजार में दिखाई दे रहा है। बाजार में फ्रेंच बीन्स, जो एक सप्ताह पहले 130 से 170 रुपये प्रति किलो बिक रही थी, अब 200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। हरी मिर्च 150 रुपये किलो बिक रही है, जबकि टमाटर के दाम 25 रुपये से बढ़कर 50-60 रुपये प्रति किलो हो गए हैं।
कोथिंबीर (धनिया) की एक जुड़ी 60 रुपये तक बिक रही है। इसके अलावा फ्लॉवर और गवार जैसी सब्जियों के दाम भी 100 से 160 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जिससे आम लोगों के घरेलू बजट पर भारी असर पड़ रहा है।
डेयरी उत्पाद भी हो सकते हैं महंगे
विशेषज्ञों के मुताबिक, ईंधन दरों में वृद्धि का असर केवल सब्जियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दूध और अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों पर भी इसका असर पड़ सकता है। खेतों और डेयरियों से मंडियों तक सामान पहुंचाने के लिए परिवहन जरूरी होता है और डीजल-पेट्रोल महंगा होने से लागत बढ़ रही है।
■ भीषण गर्मी से फसलें प्रभावित
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण कई जगहों पर फसलें प्रभावित हुई हैं। खासकर धनिया, मेथी और पालक जैसी पत्तेदार सब्जियों का उत्पादन घटा है, जिससे बाजार में आपूर्ति कम हो गई और दाम बढ़ गए।
■ पत्तेदार सब्जियों के दामों में भी उछाल
Songaon Weekly Market में भी सब्जियों के दामों में भारी बढ़ोतरी देखी गई। यहां धनिया की जुड़ी 20 से 40 रुपये में बिक रही है, जबकि टमाटर 40 से 50 रुपये प्रति किलो पहुंच गए हैं। हरी मिर्च, बैंगन, भिंडी और खीरा के साथ-साथ मेथी, चाकवत, शेपू, पालक और तांदुळशा जैसी पत्तेदार सब्जियां भी महंगी हो गई हैं।
बढ़ती महंगाई से परेशान ग्राहकों ने बाजारों में नाराजगी जताई है और कहा कि लगातार बढ़ती कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है।


