श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कोकण के आम और काजू उत्पादक किसान पिछले कई महीनों से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सरकार से ठोस मदद की मांग कर रहे हैं। किसानों के समर्थन में शुक्रवार को गिरगांव चौपाटी से मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ बंगले तक मोर्चा निकाला जा रहा था, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।


इस दौरान स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद राजू शेट्टी, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल, महादेव जानकर, शिवसेना नेता विनायक राउत, सांसद अरविंद सावंत समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। कुछ को डोंगरी पुलिस स्टेशन तो कुछ को आज़ाद मैदान ले जाया गया।


हर्षवर्धन सपकाल ने आरोप लगाया कि भाजपा महायुति सरकार किसानों, मजदूरों और विपक्ष की आवाज दबाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का मोर्चा लोकतांत्रिक तरीके से निकाला जा रहा था, लेकिन सरकार ने पुलिस बल का इस्तेमाल कर आंदोलन को रोकने की कोशिश की।
उन्होंने कहा, “जब-जब सरकार डरती है, पुलिस को आगे करती है।”
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने मांग की कि आम उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 5 लाख रुपये और काजू उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
■ ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर हमला
सपकाल ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में वृद्धि को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि “सरेंडर मोदी सरकार” की वजह से देश की जनता महंगाई की मार झेल रही है और केंद्र सरकार के पास कोई स्पष्ट ईंधन नीति नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनावों तक ईंधन कीमतों को जानबूझकर नियंत्रित रखा गया और अब कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला जा रहा है। सपकाल ने कहा कि भारत पहले रूस से रुपये में तेल खरीदता था, लेकिन अमेरिका के दबाव में केंद्र सरकार की नीति बदल गई, जिसका असर अब आम जनता पर दिखाई दे रहा है।
■ NEET परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
NEET परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे पर भी हर्षवर्धन सपकाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि पिछले सात वर्षों में 71 बार NEET पेपर लीक हुए हैं और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि लाखों विद्यार्थी कड़ी मेहनत करते हैं और उनके माता-पिता डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर भी संवेदनशील नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं हैं।
■ प्रधानमंत्री की सुरक्षा और विपक्ष पर बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर सपकाल ने कहा कि देश पहले ही दो प्रधानमंत्रियों को खो चुका है, इसलिए प्रधानमंत्री की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दे पर भी राजनीति कर रही है।
मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस द्वारा विपक्ष को “बिन दिमाग” कहे जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए सपकाल ने कहा कि भाजपा और आरएसएस खुद को ही बुद्धिमान मानते हैं और बाकी सभी का अपमान करते हैं। उन्होंने कहा कि यह अहंकार भाजपा नेताओं की राजनीतिक शैली का हिस्सा बन चुका है।


