मुंबई वार्ता संवाददाता

आम आदमी पार्टी ने इलेक्ट्रॉनिक मतदान यंत्र (ईवीएम) में तकनीकी खराबी की स्थिति में मतगणना परिणाम प्रदर्शित करने के लिए प्रस्तावित नई मशीन ‘प्रिंटिंग एवं सहायक प्रदर्शन इकाई’ (पीएडीयू) के प्रयोग पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।


पार्टी का कहना है कि पीएडीयू मशीन को राज्य निर्वाचन आयोग की कोई औपचारिक स्वीकृति प्राप्त नहीं है तथा इसके लिए ईवीएम की भांति अनिवार्य जाँच और यादृच्छिक चयन (रैंडमाइजेशन) की प्रक्रिया भी निर्धारित नहीं की गई है।
आम आदमी पार्टी की मुंबई अध्यक्ष प्रीति शर्मा मेनन ने बताया कि हाल में आयोजित सर्वदलीय बैठक में यह जानकारी दी गई कि यदि ईवीएम की प्रदर्शन इकाई में खराबी उत्पन्न होती है, तो पीएडीयू मशीन के माध्यम से निर्वाचन परिणाम प्रदर्शित किए जाएंगे।
उन्होंने इसे “मत चोरी का एक और प्रयास” करार देते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग की स्वीकृति एवं पारदर्शी प्रक्रिया के बिना किसी नई मशीन का उपयोग अत्यंत चिंताजनक है।उन्होंने कहा कि ईवीएम की नियंत्रण इकाई तथा मतपत्र इकाई के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा कठोर एवं पारदर्शी मानक प्रक्रियाएँ निर्धारित हैं, जिनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सहभागिता भी होती है, किंतु पीएडीयू मशीनों के लिए ऐसी कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ऐसी स्थिति में निर्वाचन परिणामों की प्रामाणिकता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
पार्टी का स्पष्ट मत है कि यदि ईवीएम में खराबी आती है, तो निर्वाचन को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए, न कि किसी अप्रमाणित उपकरण के माध्यम से परिणाम प्रदर्शित किए जाएँ।उधर, आम आदमी पार्टी के मुंबई कार्यकारी अध्यक्ष रूबेन मस्कारेन्हास ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका निर्वाचन में मतदाता सत्यापन पर्ची यंत्र (वीवीपैट) के प्रयोग न किए जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका निर्वाचन एक-सदस्यीय वार्डों में संपन्न होते हैं, अतः वीवीपैट के प्रयोग में कोई तकनीकी बाधा नहीं है।
रूबेन मस्कारेन्हास ने राज्य निर्वाचन आयोग से मांग की कि वह बृहन्मुंबई महानगरपालिका आयुक्त को स्पष्ट निर्देश जारी करे कि पीएडीयू जैसी किसी भी अस्वीकृत मशीन का प्रयोग न किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी निर्वाचन कराना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है और आयोग को अपने संवैधानिक दायित्व का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करना चाहिए।


