मुंबई वार्ता संवाददाता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने न्याय सहाय्यक वैज्ञानिक प्रयोगशाला को और सक्षम बनाने पर जोर दिया है। इसके साथ ही अब राज्य के प्रत्येक उपविभागीय पुलिस कार्यालय को मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई जाने की घोषणा की है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कि इस पहल से न केवल न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि पीड़ितों को न्याय मिलने की गति भी तेज हुई है। बता दें किराज्य सरकार ‘सर्वांसाठी न्याय जल्द न्याय’ के मंत्र पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन और पहल से न्यायदान प्रक्रिया में तेजी आई है। अब न्याय सहाय्यक वैज्ञानिक प्रयोगशाला में लंबित प्रकरणों का निपटारा तेजी से हो रहा है, जिससे पीड़ितों को सालों तक न्याय के इंतजार से राहत मिलेगी।नए फौजदारी कानून के तहत जल्द न्याय को प्राथमिकता दी गई है।
पिछले साल 2025 में संचालनालय में 1,81,000 प्रलंबित प्रकरण और 2,94,000 नए प्रकरण थे। विशेष अभियान के दौरान 3,96,879 प्रकरणों का निपटारा किया गया, जिससे लंबित मामलों की संख्या 79,542 तक घटाई गई।इस अभियान में कर्मचारियों और अधिकारियों ने नियमित समय से अतिरिक्त घंटों तक काम किया, सरकारी छुट्टियों में भी मेहनत की। केवल कन्वेंशनल फॉरेंसिक विभाग ने 3,96,275 प्रकरणों का निपटारा किया। इसके अलावा साइबर, संगणक और ध्वनि विभागों में भी प्रकरणों का तेजी से निपटारा किया जा रहा है।


