मुंबई वार्ता संवाददाता

उल्हासनगर के कैंप नंबर 5 इलाके में गुरुवार शाम उस समय दहशत फैल गई, जब कैलाश कॉलोनी चौक पर बदमाशों ने कथित तौर पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में दो सगे भाइयों, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है, की मौत हो गई, जबकि उनके चाचा गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश और हफ्ता वसूली विवाद का मामला सामने आया है।


मृतकों की पहचान 22 वर्षीय अनिल हरकेश चौहान और उसके 17 वर्षीय छोटे भाई अमन हरकेश चौहान के रूप में हुई है। वहीं उनके चाचा 26 वर्षीय अर्जुन सूरजबली चौहान को गंभीर गोली लगी है और उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
परिजनों के मुताबिक, घटना शाम करीब 7:30 बजे हुई, जब 10 से 12 लोग कार और दोपहिया वाहनों से मौके पर पहुंचे। परिवार ने सागर पाटिल को फायरिंग का मुख्य आरोपी बताया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने बीच सड़क पर खुलेआम गोलियां चलाईं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। कई दुकानदार और स्थानीय लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अमन चौहान ने इलाज शुरू होने से पहले ही दम तोड़ दिया।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि गोली लगने के बाद अमन किसी तरह उनके पास पहुंचा और घटना की जानकारी दी। पहले उसे एक निजी बालाजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण ऑटो रिक्शा से सेंट्रल अस्पताल ले जाया गया। रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चौहान परिवार और अंबरनाथ गांव क्षेत्र से जुड़े कुछ अपराधियों के बीच पुराना विवाद चल रहा था।
मृतक के बड़े भाई विक्की चौहान ने आरोप लगाया कि आरोपी अनिल से हर महीने हफ्ता मांगते थे। उन्होंने कहा, “करीब एक महीने पहले सागर पाटिल, बलविंदर बिराजदार और शेखर बिराजदार ने मेरे भाई से अंबरनाथ गांव में टेंपो चलाने के लिए हफ्ता मांगा था। मना करने पर उसे धमकियां दी गईं।”
विक्की ने आरोप लगाया कि अनिल ने पहले हिल लाइन पुलिस स्टेशन में एनसी दर्ज कराई थी, जिसके बाद आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। बाद में एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की। आरोपी जमानत पर बाहर आ गए और लगातार धमकियां देते रहे।
घटना के बाद हिल लाइन पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में हफ्ता वसूली के एंगल से जांच की जा रही है।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि मृतक से कथित तौर पर वसूली की मांग की गई थी और पैसे देने से इनकार करने के बाद फायरिंग की गई। मामले की आगे जांच जारी है।


