मुंबई वार्ता संवाददाता

गढ़चिरौली पुलिस ने नकली नोट छापने और बाजार में चलाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने नकली नोट, हाईटेक कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, कंप्यूटर उपकरण और अन्य सामग्री जब्त की है। बरामद सामान की कुल कीमत करीब 39,700 रुपये बताई गई है।


पुलिस के अनुसार, मामला तब सामने आया जब बैंक ऑफ महाराष्ट्र की गढ़चिरौली शाखा के डिपॉजिट मशीन में 100 रुपये के नकली नोट पाए गए। एटीएम डिपॉजिट मशीन के सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला कि 11 मई को चंद्रपुर निवासी 23 वर्षीय प्रमोद टिकराम कोवे ने 100 रुपये के 21 नकली नोट, कुल 2,100 रुपये, जमा किए थे।
बैंक प्रबंधक की शिकायत पर गढ़चिरौली पुलिस ने 15 मई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और प्रमोद कोवे को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की।
पूछताछ में प्रमोद ने खुलासा किया कि उसे नकली नोट गढ़चिरौली निवासी आदित्य जनार्दन रेचंकर से मिले थे। आगे की जांच में पता चला कि नकली नोटों की सप्लाई नागपुर में रहने वाले “चितू” नामक व्यक्ति के जरिए की जा रही थी।
तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस की संयुक्त टीम 16 मई को नागपुर पहुंची और त्रिमूर्ति नगर इलाके में एक फ्लैट पर छापा मारा। तलाशी के दौरान पुलिस ने नकली नोट छापने में इस्तेमाल होने वाला कलर प्रिंटर, बॉन्ड पेपर, कटर और अधछपे नोट बरामद किए।
इस कार्रवाई में तीन और आरोपियों — मयूर लक्ष्मीकांत दोईजड़ (31), आदित्य लक्ष्मीकांत दोईजड़ (26) और आदित्य जनार्दन रेचंकर (19) — को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने मौके से 50, 100 और 200 रुपये के नकली नोटों की प्रिंटेड शीट, अधकटे और अधछपे नकली नोट, खाली शीट और अन्य सामग्री भी जब्त की है।
सभी चारों आरोपियों को 22 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच गढ़चिरौली पुलिस स्टेशन के निरीक्षक विनोद चव्हाण के नेतृत्व में की जा रही है।
यह पूरी कार्रवाई गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक एम. रमेश और जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई।


