सतीश सोनी/मुंबई वार्ता

माधवबाग स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर का 150वां जयंती महोत्सव आज अत्यंत भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे उपस्थित थे। एकनाथ शिंदेजी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।
इस विशेष अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, कैबिनेट मंत्री और मालाबार हिल विधानसभा क्षेत्र से विधायक मंगलप्रभात लोढ़ा सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


महोत्सव की शुरुआत विशेष पूजा से हुई, जिसके बाद संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष श्रीमती संध्या पुरेचा और सरफोजी राजे भोसले संस्था द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने दर्शकों का दिल जीत लिया। यह कार्यक्रम श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के न्यासी बोर्ड और माधवबाग चैरिटी द्वारा आयोजित किया गया था।
केंद्रीय मंत्री अमित शाहजी ने माधवबाग परिवार को 150 वर्षों की निरंतर सामाजिक सेवा के लिए बधाई दी। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जब यह संस्थान 200 वर्ष पूरे कर ले तो इसमें हमारी मातृभाषा के लिए प्रशिक्षण केंद्र, गीता, उपनिषद और वेदों की शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस अवसर पर उन्होंने आगे कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का 11 वर्ष का कार्यकाल स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही कई वर्षों से लंबित ऐतिहासिक निर्णय उनके कार्यकाल में लिए गए। मोदी जी के कार्यकाल में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है और मेरा मानना है कि 2047 तक हम विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होंगे। यह बदला हुआ भारत है, जो हमारी माताओं-बहनों की मांग का सिंदूर पोंछने वालों को घर में घुसकर मारता है। आज पूरी दुनिया को ‘सिंदूर’ शब्द का अर्थ और महत्व समझ में आ गया है। ऑपरेशन सिंदूर के कारण हमारी माताओं-बहनों का सिर गर्व से ऊंचा हो गया है।”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “आज बहुत महत्वपूर्ण क्षण है क्योंकि माधवबाग लक्ष्मी नारायण मंदिर ने अपनी स्थापना के 150 वर्ष पूरे कर लिए हैं। मुझे बहुत खुशी है कि मुझे माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाहजी के साथ यहां आने का अवसर मिला। इस संरचना में न केवल भगवान की एक मूर्ति है, बल्कि उनकी शारीरिक उपस्थिति भी है। इसलिए यहां निरंतर सेवा कार्य चल रहा है। माधवबाग के माध्यम से हमेशा गौ सेवा, समाज सेवा सहित अन्य प्रकार के राहत कार्यों के लिए पहल की गई है। इसके माध्यम से मैं उन लोगों को नमन करता हूं जिन्होंने समाज सेवा में अपना अमूल्य योगदान दिया है और मैं माधवबाग परिवार को शुभकामनाएं देता हूं।”
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की 150वीं जयंती का महोत्सव केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं था, बल्कि आस्था, समाज सेवा और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी था। सभी गणमान्य व्यक्तियों ने विश्वास व्यक्त किया कि मुम्बई के हृदय में स्थित यह पूजा स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए अपनी परंपराओं और आध्यात्मिक प्रेरणा को संरक्षित करता रहेगा।


