मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

राज्य सरकार ने शुक्रवार को मानव स्वास्थ्य पर कबूतरों के प्रभाव का अध्ययन करने हेतु एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया। यह समिति बॉम्बे उच्च न्यायालय के 13 अगस्त, 2025 के आदेश के अनुसार गठित की गई है। समिति अपनी पहली बैठक के 30 दिनों के भीतर सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।


इस समिति में जन स्वास्थ्य, पर्यावरण, पशु चिकित्सा विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान और फुफ्फुस विज्ञान के विशेषज्ञ शामिल हैं। पुणे के जन स्वास्थ्य सेवा निदेशक, विजय कांबले को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।


शहरी नियोजन विभाग के निदेशक जितेंद्र भोपाल सदस्य सचिव हैं, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी के निदेशक किशोर रीठे, एम्स नागपुर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. प्रदीप देशमुख, पशु कल्याण बोर्ड के सचिव डॉ. शिवाजी पवार, पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. एस. के. दत्ता, पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सुजीत रंजन – पल्मोनोलॉजिस्ट, डॉ. अमिता अठावले – पल्मोनोलॉजिस्ट, मुंबई नगर निगम, डॉ. मनीषा मडकाइकर – निदेशक, आईसीएमआर, इम्यूनोलॉजिस्ट, डॉ. आर. जे. ज़ेंडे – प्रोफेसर, पशु चिकित्सा जन स्वास्थ्य विभाग, डॉ. शिल्पा पाटिल – एसोसिएट प्रोफेसर, माइक्रोबायोलॉजी विभाग, ग्रांट मेडिकल कॉलेज और जेजे अस्पताल, दक्षा शाह – कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी, मुंबई नगर निगम को समिति में नियुक्त किया गया है।


