मुंबई वार्ता संवाददाता

संपूर्ण कर्जमाफी, फसल बीमा, कृषि उपज का गारंटी मूल्य (एमएसपी) और लंबित किसान मांगों को लेकर क्रांतिकारी शेतकरी संगठन के नेता रविकांत तुपकर के नेतृत्व में गुरुवार को किसानों ने मुंबई स्थित विधान भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, सोयाबीन और कपास सड़क पर बिखेरकर विरोध जताया तथा अपने 7/12 (सातबारा) दस्तावेजों की प्रतियां विधान भवन की ओर फेंकी।


प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी विधान भवन में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए मुख्य द्वार तक पहुंच गए। उन्होंने “किसानों के पसीने की कीमत दो”, “संपूर्ण कर्जमाफी लागू करो” और “सरकार अपना वादा निभाए” जैसे नारे लगाए, जिससे पूरा परिसर गूंज उठा।
रविकांत तुपकर ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों से किए गए वादे पूरे नहीं किए हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों के सभी लंबित मुद्दों पर तत्काल निर्णय लिया जाए, जिसमें संपूर्ण कर्जमाफी, फसल बीमा का लाभ और कृषि उपज के लिए उचित समर्थन मूल्य शामिल है।
हालांकि विधान भवन परिसर में भारी पुलिस बल तैनात था, फिर भी प्रदर्शनकारी मुख्य प्रवेश द्वार तक पहुंचने में सफल रहे। इसके बाद मरीन ड्राइव पुलिस ने रविकांत तुपकर और कई किसानों को हिरासत में लेकर आजाद मैदान ले गई।
तुपकर ने बताया कि आंदोलन के बाद जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने उन्हें फोन कर आश्वासन दिया कि शाम को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ किसानों की मांगों पर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी।


