मुंबई वार्ता संवाददाता

आर्थिक संकट से जूझ रहे बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) उपक्रम ने आय बढ़ाने के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर अपने बस डिपो का व्यावसायिक विकास करने की योजना तैयार की है। प्रस्ताव के तहत शहर के 23 बस डिपो की 132 एकड़ जमीन को 30 से 60 वर्ष की लंबी लीज पर निजी कंपनियों को दिया जाएगा। BEST का अनुमान है कि इस परियोजना से करीब 5,000 करोड़ रुपये की आय होगी, जिसका उपयोग 5,000 नई बसों की खरीद में किया जाएगा।


मुंबई में BEST के कुल 27 डिपो हैं, जिनमें कुलाबा, वांद्रे रिक्लेमेशन, धारावी, देवनार, बोरिवली सहित कई डिपो की जमीनें बेहद मूल्यवान मानी जाती हैं। फिलहाल इन डिपो की खाली जगहों का सीमित उपयोग निजी वाहनों की पार्किंग के लिए किया जाता है, लेकिन इससे अपेक्षित आय नहीं हो रही है। इसी कारण BEST ने इनके व्यावसायिक विकास का फैसला किया है।
प्रस्ताव के अनुसार डिपो परिसर में संग्रहालय, आवासीय टावर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, खेल सुविधाएं, सांस्कृतिक केंद्र, कर्मचारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर तथा अन्य सामाजिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रत्येक डिपो में भूमिगत वाहन पार्किंग की भी व्यवस्था प्रस्तावित है, जबकि बस संचालन के लिए आवश्यक सुविधाएं यथावत रखी जाएंगी।
यह प्रस्ताव अभी BEST समिति के समक्ष पेश किया जाना बाकी है। इससे पहले BEST प्रशासन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष इसका प्रस्तुतीकरण किया था। समिति से मंजूरी मिलने के बाद अंतिम स्वीकृति के लिए प्रस्ताव राज्य मंत्रिमंडल को भेजा जाएगा।
हालांकि, BEST समिति के कुछ सदस्यों ने इस योजना पर सवाल उठाए हैं। समिति के सदस्य नितिन नांदगांवकर ने कहा कि आय बढ़ाना जरूरी है, लेकिन डिपो की जमीन निजी डेवलपर्स को लीज पर देने के बजाय BEST को स्वयं इनका पुनर्विकास करना चाहिए।
BEST पहले भी वर्सोवा डिपो की जमीन लीज पर देकर वहां मॉल बनवा चुका है, जबकि कुर्ला और माहिम डिपो की जमीन पर आवासीय टावर विकसित किए गए हैं। इससे पहले भी PPP मॉडल पर डिपो विकास की कोशिश की गई थी, लेकिन कुछ मामलों में निजी कंपनियों ने व्यावसायिक लाभ कमाने के बावजूद BEST को अपेक्षित राजस्व नहीं दिया था।
■ इन 23 डिपो का होगा व्यावसायिक विकास
कुलाबा, बैकबे, मुंबई सेंट्रल, वरली, वडाला, धारावी, शिवाजी नगर, बांद्रा, सांताक्रूज, कुर्ला, घाटकोपर, विक्रोली, मुलुंड, आणिक, प्रतीक्षा नगर, देवनार, माजस, ओशिवरा, मालाड, मरोल, दिंडोशी, गोराई और कांदिवली।
■ ‘खोब्रागड़े पैटर्न’ की फिर चर्चा
पूर्व BEST महाप्रबंधक उत्तम खोब्रागड़े के कार्यकाल में गोरेगांव (पश्चिम) स्थित BEST की खाली जमीन 90 वर्ष की लीज पर वाधवा समूह को दी गई थी, जहां आज 800 से अधिक फ्लैटों वाला बड़ा आवासीय परिसर खड़ा है। मौजूदा प्रस्ताव को लेकर एक बार फिर उसी “खोब्रागड़े पैटर्न” की चर्चा तेज हो गई है।


