कार्तिक मास में भागवत श्रवण लाभकारी : देवकीनंदन ठाकुर।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

भायंदर मे दो नवंबर से भव्य आयोजन सुप्रसिद्ध कथावाचक श्रद्धेय शांतिदूत श्री देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज कार्तिक मास में भागवत कथा हेतु मुंबई पधार रहे हैं। उनके मुखारविंद से भव्य भागवत कथा श्रवण का लाभ यहां भायंदर पूर्व में बालासाहेब ठाकरे मैदान में श्रद्धालुओं को मिलेगा। 2 नवंबर से आरंभ हो रही इस कथा हेतु विशाल पंडाल बनाया जा रहा है एवं तैयारियां जोरों पर हैं। 2 नवंबर को भायंदर में हजारों महिलाएं महाराजश्री की अगुवाई में भव्य शोभायात्रा में शामिल होंगी।

इस कथा के बारे में बताते हुए पूज्य देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा कि कार्तिक मास में भागवत कथा श्रवण से अनेक कष्ट दूर होते हैं। शंकाओं का निवारण होता है और अद्भुत लाभ की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र संतों की भूमि है। यहां देवताओं का वास है और मुंबई से मुझे विशेष लगाव है। महाराजश्री के निजी प्रबंधन विजय शर्मा ने बताया कि 84 दिनों की विदेश यात्रा के बाद महाराजश्री हाल ही में भारत लौटे हैं। वृंदावन में श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया और साधु संतों ने उन्हें विशेष आशीर्वाद दिया।

उल्लेखनीय कि महाराजश्री के पावन सानिध्य में हाल ही में नोएडा में पहली बार सनातन क्रिकेट लीग स्पर्धा का आयोजन विशाल किया गया। इसमें बागेश्वरधाम के प्रमुख आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, चिन्मयानंद बापू, इंद्रेश उपाध्याय जैसे प्रमुख कथाकरों की टीमों ने भाग लिया।

महाराजश्री से जुड़े शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पूज्य देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज के मुंबई आगमन को लेकर मुंबई महानगर, उपनगर, नवी मुंबई, ठाणे, कल्याण, सूरत, पुणे, पनवेल तक के श्रद्धालुओं में उमंग और उत्साह फैला हुआ है। भाईदर में भागवत कथा के साथ ही महाराजश्री सनातन, राष्ट्रीयता और सामाजिकता के विषयों पर भी अपने महत्वपूर्ण विचार रखेंगे।

पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज की भागवत कथा में अनेक धर्माचार्यों, साधु संतों व विशिष्टजनों के आगमन की उम्मीद है। आयोजकों ने इस भागवत कथा का लाभ लेने की श्रद्धालुओं से अपील की है।मुंबई से मुझे विशेष लगाव : ठाकुरजीदेवकीनंदन ठाकुर महाराज ने कहा है कि मुझे मुंबई से विशेष लगाव है। यहां भगवान सिद्धिविनायक और मुंबादेवी की विशेष की कृपा है। महालक्ष्मी माता यहां खूब आशीर्वाद बरसाती हैं, उसी के साथ यहां लोगों के हृदय में माता सरस्वती भी विराजमान हैं। मुंबईवासियों में धार्मिकता जबर्दस्त है और मुझे हमेशा यहां श्रद्धालुओं का अपार स्नेह मिला है। उन्होंने कहा कि मैं सारी दुनिया में भ्रमण करता हूं लेकिन मुंबईवासियों की श्रद्धा मुझे बार-बार यहां खींचती है।

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