मुंबई वार्ता/इंद्रीश उपाध्याय

छत्रपति शिवाजी महाराज के किले और दुर्ग उनकी वास्तविक संपत्ति हैं। ये हमारे शक्ति और प्रेरणा के स्रोत हैं, और इनका संरक्षण करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। इसी कारण राज्य सरकार किला शिवनेरी, रायगढ़, प्रतापगढ़, सिंहगढ़, पुरंदर आदि किलों के विकास कार्यों को निरंतर कर रही है। इन कार्यों के लिए निधी की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, ऐसा उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने प्रतिपादित किया।
छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा लिए गए प्रत्येक निर्णय स्वराज्य के हित और जनता के कल्याण को ध्यान में रखकर लिए गए थे। उन्होंने सामाजिक समरसता, न्याय, सुशासन और लोककल्याण की शिक्षा दी। इसलिए आज शिवजयंती के अवसर पर हमें उनके विचारों के प्रति निष्ठा व्यक्त करते हुए कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए।महाराष्ट्र को और महान बनाने के लिए हमें एकजुट होकर कार्य करना होगा। शिवाजी महाराज की शिक्षा और उनके विचारों को आगे बढ़ाते हुए, महाराष्ट्र के विकास में योगदान देना ही सच्ची शिवजयंती होगी, ऐसा अजित पवार ने कहा।


