किसानों का 7/12 कोरा करने के वादे का क्या हुआ? मुख्यमंत्री किसानों को ही जवाब दें: अतुल लोंढे।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में सूखे की गंभीर स्थिति को लेकर कांग्रेस ने भाजपा-शिवसेना महायुति सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सवाल किया है कि चुनाव के दौरान किसानों का 7/12 पूरी तरह कोरा करने का जो वादा किया गया था, उसका क्या हुआ। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के खेतों की मेड़ तक पहुंचे हैं, इसलिए उन्हें किसानों के सवालों का जवाब भी वहीं देना चाहिए।


मुख्यमंत्री के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए अतुल लोंढे ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति बेहद गंभीर है और किसान बड़े संकट से गुजर रहे हैं। उनके मुताबिक, सरकार अभी तक अध्ययन और जायजा लेने में ही व्यस्त रही है। उन्होंने कहा कि किसानों का आक्रोश देखते हुए मुख्यमंत्री खेतों तक पहुंचे हैं, यह अच्छी बात है, लेकिन इससे किसानों की वास्तविक समस्याओं का समाधान होना जरूरी है।


लोंढे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कई बार यह कह चुके हैं कि मराठवाड़ा की अगली पीढ़ी को अकाल नहीं देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा स्थिति 1972 के भीषण अकाल के बाद सबसे गंभीर है, तो सरकार को केवल दौरे करने के बजाय ठोस उपाय करने चाहिए।


कांग्रेस प्रवक्ता ने 1972 के अकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय की कांग्रेस सरकार ने संकट से सबक लेते हुए रोजगार गारंटी योजना शुरू की। बाद में केंद्र सरकार ने इसी व्यवस्था को कानून का रूप देकर मनरेगा लागू की। उनके अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान भी मनरेगा ने लाखों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया। लोंढे ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने मनरेगा के बजट में कटौती कर इस योजना को कमजोर करने का काम किया है।


उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में पहले भी अतिवृष्टि और अकाल जैसी प्राकृतिक आपदाएं आई हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि सरकार ने किसानों की कितनी मदद की और वास्तविक रूप से कितनी सहायता किसानों तक पहुंची। लोंढे ने भाजपा महायुति सरकार की कर्जमाफी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों से पूछने पर इसकी वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।


लोंढे ने सरकार से यह भी पूछा कि अकाल की स्थिति से निपटने के लिए उसकी ठोस और दीर्घकालिक योजना क्या है। उन्होंने वर्ष 2014 में घोषित 49 हजार करोड़ रुपये की वॉटर ग्रिड योजना का भी मुद्दा उठाते हुए पूछा कि उस योजना का क्या हुआ।


कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में किसानों के लिए कई योजनाएं शुरू की गईं और उनका क्रियान्वयन भी किया गया। उन्होंने शरद पवार के मुख्यमंत्री रहने के दौरान कम पानी में भी टिकने वाली बागवानी योजना शुरू किए जाने का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इसके बाद महाराष्ट्र में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार हुआ।


लोंढे ने दावा किया कि भाजपा सरकार के करीब 12 वर्षों के कार्यकाल में कृषि क्षेत्र में ऐसा कोई उल्लेखनीय काम दिखाई नहीं देता, जिसका किसानों को व्यापक लाभ मिला हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अब किसानों की समस्याओं को करीब से देखा है और उम्मीद है कि उनके दौरे के बाद सरकार कुछ ठोस कदम उठाएगी।


उन्होंने कहा कि किसानों की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार को केवल घोषणाओं तक सीमित न रहते हुए राहत और दीर्घकालिक उपायों पर काम करना चाहिए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के दौरे के बाद किसानों के लिए वास्तविक राहत सामने आएगी और पहले जैसी स्थिति दोबारा नहीं बनेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

मुंबई में 14 फीट से ऊंचे झुग्गी-झोपड़ियों के डिमोलिशन की खबरों पर अबू आसिम आजमी ने जताई चिंता, मुख्यमंत्री से कार्रवाई रोकने की अपील।

श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता https://youtu.be/U7xwZcAtuNw?si=3hVT0R1d_LEHMaE0 मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में 14 फीट...

इरान के समर्थन में 1 अक्टूबर को मुंबई में वंचित बहुजन आघाड़ी का मोर्चा, प्रकाश आंबेडकर ने किया ऐलान।

मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय वंचित बहुजन आघाड़ी (वीबीए) की ओर...