मुंबई वार्ता संवाददाता

कुर्ला–ट्रॉम्बे रेलवे मार्ग के किनारे स्थित 3154 झोपड़ियों को ध्वस्त करने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा 27 जनवरी 2026 को जारी नोटिस से इलाके में भय का माहौल बन गया है। 10 फरवरी से 12 फरवरी 2026 के बीच प्रस्तावित इस ध्वस्तीकरण कार्रवाई को रद्द करने और प्रभावित परिवारों के लिए स्थायी पुनर्वास योजना लागू करने की मांग मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर की है।


रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में सांसद वर्षा गायकवाड़ ने कहा है कि यह बस्ती दो दशकों से अधिक समय से अस्तित्व में है और यहां हजारों गरीब और जरूरतमंद परिवार निवास करते हैं। इससे पहले भी झोपड़ियों को हटाने के प्रयास न्यायालय और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के कारण टलते रहे हैं। हालांकि, नई नोटिस जारी होने से रहिवासियों में भारी डर और असुरक्षा फैल गई है।
उन्होंने कहा कि मात्र छह दिनों की सूचना देकर 3000 से अधिक झोपड़ियों को तोड़ना न तो व्यावहारिक है और न ही मानवीय। इस तरह की कार्रवाई से हजारों परिवार रातोंरात बेघर हो जाएंगे और उनकी पहले से ही नाजुक आर्थिक-सामाजिक स्थिति और खराब हो जाएगी। गरीब मेहनतकश निवासी इस फैसले से बेहद चिंतित हैं और पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल है।
सांसद वर्षा गायकवाड़ ने पत्र में रेल मंत्रालय से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप करने और संबंधित अधिकारियों को गरीब व उपेक्षित नागरिकों की दयनीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए मानवीय और समावेशी दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश देने की मांग की है।


