मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के गोरेगांव पूर्व में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान तेज आवाज में ढोल-ताशा बजाने और पटाखे फोड़ने का विरोध करने पर 29 वर्षीय युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में युवक की नाक पर गंभीर चोट आई और उसे सर्जरी करानी पड़ी। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार, 15 सितंबर की सुबह करीब 10.20 बजे गोरेगांव पूर्व के गोटेवाड़ी रोड स्थित प्रधान सोसायटी के बाहर हुई। पीड़ित की पहचान अद्वैत अरुण मडकाईकर (29) के रूप में हुई है। वह अपने आवासीय परिसर के बाहर गणपति विसर्जन जुलूस में तेज आवाज में ढोल-ताशा बजाने और पटाखे फोड़े जाने पर आपत्ति जता रहा था।
बताया गया कि मडकाईकर ने जुलूस में शामिल लोगों और वाहन की अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। पुलिस के मुताबिक, जुलूस में शामिल एक व्यक्ति ने मडकाईकर के चेहरे और नाक पर मुक्का मारा, जबकि तीन अन्य लोगों ने उन्हें लात और घूंसों से पीटा। हमले में उनकी नाक पर गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और सर्जरी करानी पड़ी।
इलाज के बाद मडकाईकर ने बुधवार को वनराई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर चार लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में गणपति की मूर्ति ले जा रहे वाहन का चालक भी शामिल है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर चोट पहुंचाने, शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करने, साझा मंशा समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
घटना के बाद मडकाईकर द्वारा अपनी चोटों को दिखाते हुए बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। यह घटना गणेशोत्सव के दौरान तेज आवाज वाले संगीत और ध्वनि प्रदूषण को लेकर महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों में चल रही चर्चा के बीच सामने आई है।


