मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

मुंबई में 14 सितंबर से शुरू होने वाले सार्वजनिक गणेशोत्सव को लेकर बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। गणेशभक्तों, सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों और नागरिकों को विसर्जन के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए महानगरपालिका के अधिकारी विभिन्न विसर्जन स्थलों और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं। यह जानकारी मुंबई की महापौर रितू तावडे ने दी।


गणेशोत्सव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए महापौर रितू तावडे और उपमहापौर संजय घाडी ने शुक्रवार को उपनगरों के विभिन्न प्राकृतिक एवं कृत्रिम विसर्जन स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान विसर्जन स्थलों पर उपलब्ध नागरिक सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और गणेशभक्तों की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई।


महापौर और उपमहापौर के निरीक्षण दौरे की शुरुआत कुर्ला स्थित शीतल तालाब से हुई। इसके बाद मुलुंड के मोरया तालाब, पवई तालाब, के-उत्तर विभाग के शामनगर तालाब तथा जुहू चौपाटी स्थित विसर्जन स्थल का निरीक्षण किया गया।
महानगरपालिका ने छह फुट या उससे कम ऊंचाई वाली घरेलू गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए पूरे मुंबई में 383 से अधिक कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं। वहीं, छह फुट से अधिक ऊंचाई वाली प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए निर्धारित प्राकृतिक विसर्जन स्थलों के तालाबों से गाद और कचरा निकालकर उनकी सफाई की गई है।
महापौर रितू तावडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विसर्जन स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त संख्या में तराफे (नावनुमा प्लेटफॉर्म) उपलब्ध कराए जाएं। गणेशभक्तों के लिए पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था, पर्याप्त संख्या में जीवनरक्षकों की तैनाती तथा पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने पर भी उन्होंने जोर दिया।
उन्होंने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान मुंबईकरों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुंदर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए महानगरपालिका ने पूरी तैयारी की है। पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव को बढ़ावा देने के लिए मूर्तिकारों को शाडू मिट्टी और पर्यावरण-अनुकूल रंग भी उपलब्ध कराए गए हैं।
गणेशोत्सव को देखते हुए शहर की सड़कों पर गड्ढे भरने और सड़कों को बेहतर स्थिति में रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा सड़क किनारे लगे पेड़ों की आवश्यकता के अनुसार छंटाई की गई है, ताकि यातायात और पैदल आने-जाने वाले नागरिकों को किसी तरह की बाधा न हो।
उपमहापौर संजय घाडी ने विसर्जन स्थलों के सुंदरीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों और महानगरपालिका प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय होना चाहिए, ताकि विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो।
घाडी ने विसर्जन स्थलों पर जमा होने वाले निर्माल्य से खाद बनाने की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान एस एवं टी प्रभाग समिति की अध्यक्ष साक्षी दळवी, महिला एवं बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष मीनल तुर्डे, नगरसेवक चंदन शर्मा, सहआयुक्त (परिमंडल-4) डॉ. भाग्यश्री कापसे, उपआयुक्त एवं गणेशोत्सव समन्वयक प्रशांत सपकाळे, उपआयुक्त संध्या नांदिवडेकर, उपआयुक्त संतोषकुमार धोंडे सहित विभिन्न विभागों के सहायक आयुक्त और अधिकारी उपस्थित रहे।


