मुंबई वार्ता संवाददाता

ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हमेशा की तरह झूठ बोला। उन्होंने कांग्रेस सरकार के दौरान हुए आतंकी हमलों का तो ज़िक्र किया, लेकिन भाजपा सरकार में हुए हमलों का नाम तक नहीं लिया।वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में संसद पर हमला हुआ, अक्षरधाम पर हमला हुआ, और कंदाहार विमान अपहरण कांड में तो खुद तत्कालीन मंत्री जसवंत सिंह पाँच कुख्यात आतंकियों को सुरक्षा के साथ कंदाहार तक छोड़कर आए।पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तानी ISI को भारत बुलाने का पाप भी भाजपा सरकार ने ही किया था। देश से गद्दारी करने का असली काम भाजपा ने ही किया है। ऐसा तीखा हमला महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने किया।

अमित शाह के बयान का खंडन करते हुए लोंढे ने कहा कि शाह ने कांग्रेस पर झूठे आरोप लगाए। हकीकत यह है कि कांग्रेस सरकार ने किसी भी आतंकी का शव उनके परिवार को नहीं सौंपा। अफजल गुरु और अजमल कसाब को फाँसी देकर जेल में ही दफनाया गया। इसके उलट, 1993 मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब मेमन को 2015 में फाँसी देने के बाद भाजपा सरकार ने उसका शव परिवार को सौंपा, यह जानकारी अमित शाह को लेनी चाहिए।हुर्रियत कॉन्फ्रन्स से सबसे ज़्यादा वार्ता वाजपेयी सरकार ने की थी, लेकिन अमित शाह कांग्रेस पर ही आरोप लगाते रहते हैं।
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म पाकिस्तान में हुआ था और वे दस साल प्रधानमंत्री रहे, लेकिन एक बार भी पाकिस्तान नहीं गए।वहीं नरेंद्र मोदी बिना निमंत्रण पाकिस्तान चले गए और नवाज़ शरीफ़ के घर बिरयानी खाकर आए।अपने शपथग्रहण समारोह में भी नरेंद्र मोदी ने नवाज़ शरीफ़ को न्योता भेजा था — यह याद दिलाते हुए लोंढे ने मोदी सरकार पर तंज कसा।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान भले ही सामने था, लेकिन असली सूत्रधार चीन था, यह खुद सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल राहुल के. सिंह ने कहा है।फिर भी अमित शाह ने चीन का नाम लेने की हिम्मत नहीं दिखाई। संयुक्त राष्ट्र पर बोलते समय भी अमित शाह ने झूठ बोला।संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 1945 में हुई थी, जब भारत स्वतंत्र नहीं हुआ था और अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन इसके स्थायी सदस्य थे, यह जानकारी भी लोंढे ने शाह को दी।


