● सुबह सामूहिक पूजा, शाम को निकली शोभायात्राआस्था के साथ किया गया पार्थिव मूर्तियों का विसर्जन
वरिष्ठ संवाददाता/मुंबई वार्ता

उत्तर भारत, खासकर राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में, वासंतिक नवरात्र, चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया (तीज) पर मनाया जाने वाला 18 दिवसीय गणगौर उत्सव मुंबई में जगह-जगह आस्था एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया।


इसकी शुरुआत होलिका दहन के अगले दिन से हुई और विसर्जन चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर आस्था के साथ किया गया। अंधेरी, गोरेगांव, मालाड, बोरीवली, भायंदर आदि उपनगरों में रहने वाले राजस्थानी समाज के घरों के अलावा कई स्थानों पर सामाजिक संस्थाओं द्वारा सुबह सामूहिक गणगौर पूजन का आयोजन किया गया। जबकि शाम को शोभायात्रा निकालते हुए पार्थिव मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
अखंड सुहाग और पति की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने व्रत रखते हुए शिवजी और माता पार्वती के स्वरूप ‘गणगौर’ की पूजा की। कन्याओं ने भी मनचाहा सुंदर वर पाने के लिए व्रत रखा। बड़ी संख्या में राजस्थानी और हरियाणवी समाज के परिवारों में गणगौर की पारंपरिक विधि से पूजा की गई।
गणगौर की कृपा पाने के लिए पारंपरिक राजस्थानी गीत गाकर उपासना की गई।-गौरी ए गणगौरी माता खोल किवाड़ी। बाहर उबी थारी पूजन वाली। पूजो ए पूजाओ बाई, काई-काई मांगों। अन्न मांगों, धन मांगों, लाछ मांगों, लछमी। जलहर जामी बाबल मांगा राता देई माई। कान कुंवर सो बीरों मांगा, राई सी भोजाई। गणगौर की पूजा के समय किवाड़ी खुलवाने के, गौर गौर गोमती, ऊंचो चवरो चोकुंठो, हिंडा के गीत, चुनड़ी के गीत, टीकी के गीत, चोपड़ा के गीत गणगौर पर गाए गए।जगह-जगह रही गणगौर पूजा की धूमसामाजिक संस्था संस्कार निर्माण फाउंडेशन के तत्वावधान में सामूहिक गणगौर पूजा का आयोजन किया गया जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने गणगौर का पूजन किया और गीत गाए।
गोरेगांव पश्चिम के बांगुर नगर स्थित बांगड़ गणगौर समिति के संयोजन में सामूहिक गणगौर पूजा का आयोजन किया गया। इसी तरह से मालाड पश्चिम के एसवी रोड स्थित श्री साई दर्शन मंदिर ट्रस्ट के संयोजन में खेतान परिवार द्वारा गणगौर पूजा किया गया। पुराणों के अनुसार माता पार्वती ने शिवजी को वर रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी। इसके बाद शिवजी ने प्रसन्न होकर पार्वती से विवाह किया। माता को इतना सम्मान दिया कि उन्हें अपना आधा अंग ही बना लिया। इस व्रत को करने से कन्याओं का विवाह शीघ्र होता है और उन्हे कुलीन तथा विद्वान वर की प्राप्ति होती है। बोरीवली पश्चिम के योगी नगर में हरियाणा गणगौर समिति द्वारा सामूहिक गणगौर का पूजन किया गया। शाम को शोभायात्रा निकालते हुए गणगौर की मूर्तियों का विसर्जन किया गया।


